मुर्गीपालन व्यवसाय: मात्र ₹10,000 से शुरू करें और सालाना ₹1.2 लाख तक कमाएँ, अभी शुरू करें

Saroj kanwar
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आज मुर्गी पालन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है। सही तरीके से शुरू किया गया यह व्यवसाय न केवल स्थिर आय प्रदान करता है, बल्कि कुछ ही महीनों में अच्छी कमाई के द्वार भी खोल देता है। बाजार में अंडों और मुर्गियों की बढ़ती और स्थिर मांग, साथ ही सरकारी सब्सिडी, इस व्यवसाय को ग्रामीण भारत में बेहद लोकप्रिय बना रही है।

मांग में उछाल

आजकल अंडे और चिकन की मांग असीमित है। शहरों से लेकर गांवों तक, लोग प्रोटीन की पूर्ति के लिए इन उत्पादों को बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं। यही कारण है कि मुर्गी पालन उन कुछ व्यवसायों में से एक बन गया है जो मंदी से ज़्यादा प्रभावित नहीं हुआ है। कम जगह, कम निवेश और तेज़ विकास दर इस व्यवसाय को ग्रामीण युवाओं के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है। इसके अलावा, स्थानीय बाज़ारों में खरीदार हमेशा उपलब्ध रहते हैं, जिससे बिक्री संबंधी चिंताएं कम हो जाती हैं।

किस नस्ल से सबसे अधिक आय होगी?
मुर्गी पालन से होने वाली आय काफी हद तक आपके द्वारा चुनी गई नस्ल पर निर्भर करती है। अंडे उत्पादन (लेयर फार्मिंग) के लिए, व्हाइट लेगहॉर्न सबसे लोकप्रिय नस्ल है; एक मुर्गी साल में 250-300 अंडे देती है। मांस उत्पादन (ब्रॉयलर/देसी) के लिए, कड़कनाथ, ग्रामप्रिया और वनराजा जैसी नस्लें तेजी से वजन बढ़ाती हैं। इनमें से, कड़कनाथ सबसे अधिक मांग वाली नस्ल है, क्योंकि इसके मांस को औषधीय माना जाता है और यह प्रीमियम कीमत पर बिकता है।

₹10,000-₹20,000 में व्यवसाय शुरू करें
अगर आपको लगता है कि मुर्गी पालन में बहुत पैसा लगता है, तो ऐसा नहीं है। यह व्यवसाय बहुत कम लागत पर छोटे पैमाने पर शुरू किया जा सकता है। शुरुआती लागत में 50 चूजों की लागत शामिल है, जो लगभग ₹2,000–₹3,000 होगी। इसके अलावा, शेड या मुर्गीघर बनाने के लिए ₹5,000–₹10,000, भोजन और पानी के बर्तनों के लिए ₹1,000–₹2,000 और दवाओं व टीकों के लिए ₹1,000–₹2,000 का खर्च आएगा। कुल मिलाकर, आपका छोटा मुर्गी फार्म ₹9,000–₹17,000 में स्थापित किया जा सकता है।

कमाई का नया तरीका

अंडे बेचकर मुनाफा: अगर आप 100 मुर्गियों से शुरुआत करते हैं, तो आपको प्रतिदिन 80-90 अंडे मिलेंगे, यानी प्रति माह 2400-2700 अंडे। प्रति अंडा मात्र ₹5 की दर से अंडे बेचकर आप प्रति माह ₹12,000-₹13,500 की आय अर्जित कर सकते हैं।

मांस से मुनाफा: चूजे 45-60 दिनों में 1.5-2 किलोग्राम के हो जाते हैं। प्रति मुर्गी ₹150-₹200 का शुद्ध लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। 100 मुर्गियों से ₹15,000-₹20,000 का मुनाफा होगा। साल में 5-6 बैच पालकर आप सालाना ₹75,000-₹1,20,000 तक कमा सकते हैं।
मुर्गीपालन में सफलता के लिए इन सुझावों को याद रखें:
मुर्गियों को संतुलित आहार दें जो उनके विकास और अंडा उत्पादन दोनों में सहायक हो। मुर्गियों को हमेशा साफ पानी उपलब्ध कराएं। रानीखेत जैसी बीमारियों से बचाव के लिए मुर्गियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। स्थानीय बाजार में कीमतों पर नजर रखें; ग्राहकों को सीधे बेचने से मुनाफा बढ़ता है। सरकारी योजनाओं और नाबार्ड की सब्सिडी का लाभ उठाना न भूलें।

ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गीपालन एक सुनहरा अवसर है, जहां कम निवेश से अच्छी आय हो सकती है। उचित योजना, थोड़ी मेहनत और ज्ञान के साथ, कोई भी ग्रामीण युवा या किसान इस क्षेत्र में एक उज्ज्वल भविष्य बना सकता है।

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