सोशल मीडिया पर रोज़ाना ढेरों वीडियो और पोस्ट वायरल होते रहते हैं। इनमें से कई दावे सच नहीं होते, बल्कि वायरल रील और पोस्ट लोगों को गुमराह करते हैं। इसी सिलसिले में, एक रील वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुफ़्त लैपटॉप योजना शुरू की है, जिसके तहत हर नागरिक को मुफ़्त लैपटॉप दिया जाएगा। अगर आपने भी ऐसा कोई वीडियो या पोस्ट देखा है, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है।
सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं का खेल
डिजिटल युग में, वायरल कंटेंट की होड़ में कई लोग झूठी और भ्रामक जानकारियाँ फैलाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। ये झूठे दावे रील्स और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर इस तरह से प्रस्तुत किए जाते हैं कि लोग बिना पुष्टि किए ही उन पर विश्वास कर लेते हैं। फिर यह गलत सूचना आगे शेयर की जाती है, जिससे बड़ी संख्या में लोग भ्रमित हो जाते हैं।
प्रधानमंत्री मुफ्त लैपटॉप योजना का दावा फर्जी
वायरल रील में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुफ़्त लैपटॉप योजना शुरू की है, जिसके तहत छात्रों, प्रशिक्षुओं और व्यापारियों समेत सभी को मुफ़्त लैपटॉप बाँटे जा रहे हैं। हालाँकि, हकीकत बिल्कुल अलग है। पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) फ़ैक्ट-चेक ने इस दावे की जाँच की और इसे पूरी तरह से झूठा पाया। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ऐसी कोई योजना वर्तमान में नहीं चल रही है और ऐसे वायरल दावों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।
पीआईबी को फ़र्ज़ी पोस्ट की सूचना दें
पीआईबी फ़ैक्ट-चेक सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं को रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है। अगर आपको कोई संदिग्ध पोस्ट, रील या लिंक दिखाई दे जो किसी सरकारी योजना या लाभ के बारे में अपुष्ट दावे करता हो, तो कृपया इसकी सूचना पीआईबी फ़ैक्ट-चेक को दें। इसके बाद पीआईबी उस पोस्ट की पुष्टि करता है और सच्चाई जनता तक पहुँचाने के लिए एक आधिकारिक बयान जारी करता है।
सच्चाई समझें और सतर्क रहें
सोशल मीडिया का इस्तेमाल सोच-समझकर करना ज़रूरी है। बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या पोस्ट पर भरोसा न करें और न ही उसे शेयर करें। सरकारी योजनाओं और घोषणाओं के बारे में सिर्फ़ आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित चैनलों से ही जानकारी लें। गलत जानकारी न सिर्फ़ आपका समय और विश्वास बर्बाद करती है, बल्कि अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी का कारण भी बन सकती है।