महाराष्ट्र चुनाव परिणाम 2026 – बीएमसी मेयर का चुनाव कैसे होता है, कार्यकाल का विवरण और मुख्य बिंदु जानेंa

Saroj kanwar
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महाराष्ट्र चुनाव परिणाम 2026 – महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भाजपा गठबंधन ने वो कर दिखाया जिसकी राजनीतिक विश्लेषकों ने कल्पना भी नहीं की थी। 45 वर्षों में पहली बार भाजपा ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित 29 नगर निगमों के चुनावों में विपक्ष का पूर्ण सफाया कर दिया है।

राज्य के 29 नगर निगमों में से 23 में भाजपा आगे चल रही है। मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक में भाजपा को भारी बढ़त हासिल है। पहली बार भाजपा ने मुंबई पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे उत्साह से चमक रहे हैं क्योंकि पार्टी अपने 45 साल के इतिहास में पहली बार बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
बीएमसी की 227 सीटों में से भाजपा को 118 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक संख्या से 4 अधिक है। अब सवाल यह उठता है कि भाजपा बीएमसी के महापौर के रूप में किस नेता को चुनेगी। लोगों के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं। बीएमसी के इतिहास में पहली बार भाजपा का कोई नेता महापौर बनेगा।

महापौर का चुनाव कैसे होता है?
बीएमसी के महापौर को बहुत शक्तिशाली माना जाता है और उन्हें कुछ विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। इसलिए इस पद के लिए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। बीएमसी में विभिन्न वार्डों से कुल 227 पार्षद चुने जाते हैं। मुंबई में इन्हें नगर सेवक या पार्षद भी कहा जाता है। बहुमत वाली पार्टी अपना महापौर चुनती है।

नगर निगम चुनाव जीतने वाले पार्षद ही महापौर का चुनाव करते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि महापौर का कार्यकाल 2.5 वर्ष का होता है। पार्षदों का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है। एक महापौर का कार्यकाल पूरा होने के बाद, दूसरे महापौर का चुनाव होता है।

कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर आगे चल रही है?
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में कुल 227 सीटें हैं। महापौर के चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 114 है। मौजूदा रुझानों के अनुसार, भाजपा 90 सीटों पर आगे चल रही है या जीत चुकी है, और शिंदे की शिवसेना 28 सीटों पर आगे चल रही है या जीत चुकी है। कुल मिलाकर, महायुति गठबंधन 118 सीटें जीतता हुआ दिख रहा है।

बहुमत को देखते हुए भाजपा खेमे में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना 63 सीटों पर आगे चल रही है या जीत चुकी है। कांग्रेस 12 सीटों पर आगे है, जबकि एमएनएस के उम्मीदवार 6 सीटों पर आगे हैं। अजीत पवार की एनसीपी एक सीट पर आगे है, और अन्य दलों के उम्मीदवार 9 सीटों पर आगे हैं। भाजपा मुंबई में आसानी से अपना महापौर चुन सकती है।

भाजपा का गठन कब हुआ था?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा का गठन 46 साल पहले 1980 में हुआ था। भाजपा ने बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) में अपना दबदबा दिखाया है। बीएमसी में भाजपा का अपना महापौर होगा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि भाजपा के किस नेता को महापौर चुना जाएगा। संभवतः ऐसे व्यक्ति को महापौर चुना जाएगा जिसका संगठनात्मक आधार मजबूत हो और जिसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त हो।

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