महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी 2026: 2026 की शुरुआत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा वित्तीय लाभ लेकर आई है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी नवीनतम अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एडीआई) आंकड़ों से स्पष्ट है कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के विश्लेषण से साफ पता चलता है कि कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता अब मौजूदा 58% की सीमा को पार कर 60% के जादुई आंकड़े तक पहुंच जाएगा। यह वृद्धि उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो लगातार बढ़ती घरेलू मुद्रास्फीति के बीच अपने खर्चों को संतुलित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
दिसंबर के आंकड़े और महंगाई भत्ता
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन श्रम ब्यूरो ने नवंबर और दिसंबर 2025 के लिए सूचकांक आंकड़े जारी किए हैं। नवंबर में सूचकांक 148.2 अंक तक पहुंच गया था और दिसंबर में भी यह मजबूत रुझान जारी है। सातवें वेतन आयोग के फार्मूले के अनुसार, महंगाई भत्ता पिछले 12 महीनों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के औसत के आधार पर गणना की जाती है।
नवंबर तक 12 महीने का औसत प्रतिशत लगभग 59.93% तक पहुंच गया था, और अब दिसंबर के आंकड़ों को शामिल करने के बाद यह स्पष्ट रूप से 60% के आंकड़े को पार कर गया है। चूंकि सरकार हमेशा महंगाई भत्ता (डीए) की घोषणा पूर्ण अंकों में करती है, इसलिए कर्मचारियों के लिए 2% की वृद्धि को निश्चित माना जाता है।
7वें और 8वें वेतन आयोगों के बीच परिवर्तन
यहाँ एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को समझना आवश्यक है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गया और 8वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन की अवधि 1 जनवरी, 2026 से शुरू मानी जा रही है। यद्यपि 8वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू होने में समय लगेगा, फिर भी इस संक्रमणकालीन अवधि के दौरान कर्मचारियों के हितों की रक्षा की गई है।
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि नए वेतन आयोग की नई वेतन संरचना को पूरी तरह से अंतिम रूप दिए जाने तक, महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की गणना पुराने, यानी 7वें वेतन आयोग के मौजूदा फार्मूले के आधार पर ही की जाएगी। इसका अर्थ यह है कि कर्मचारियों के लिए 2% की वृद्धि उनकी वर्तमान वेतन संरचना के आधार पर ही होगी।
वेतन और पेंशन पर प्रभाव
महंगाई भत्ते में 2% की इस वृद्धि का कर्मचारियों के घर ले जाने वाले वेतन और पेंशनभोगियों की मासिक आय पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महंगाई भत्ता हमेशा मूल वेतन पर ही गणना किया जाता है, इसलिए उच्च मूल वेतन वाले कर्मचारियों को अधिक लाभ होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹50,000 है, तो उन्हें प्रति माह ₹1,000 का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार, पेंशनभोगियों के लिए भी यह अच्छी खबर है, क्योंकि उनका महंगाई भत्ता भी महंगाई भत्ते के बराबर ही बढ़ रहा है। यह वृद्धि न केवल वर्तमान खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि सेवानिवृत्ति निधि और ग्रेच्युटी जैसे भविष्य के लाभों की नींव भी रखेगी।