महंगाई भत्ता (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा, पेंशनभोगियों को भी राहत।

Saroj kanwar
3 Min Read

महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी: केंद्र सरकार के फैसले के आठ महीने बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने होली के अवसर पर राज्य के 7 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। मोहन यादव सरकार ने महंगाई भत्ता (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इसके परिणामस्वरूप, महंगाई भत्ता अब बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा।

वर्तमान में यह 55 प्रतिशत है। त्योहार के दौरान की गई इस घोषणा से अनगिनत कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। सरकार के फैसले के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को अप्रैल 2026 से भारत सरकार के समान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे कर्मचारियों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।
नई दर अप्रैल 2026 से लागू होगी और पेंशनभोगियों को मई तक अपने वेतन और पेंशन में इसका लाभ दिखाई देगा। हालांकि, सरकार ने इस वृद्धि को जुलाई 2025 से प्रभावी माना है, जिसका अर्थ है कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का बकाया छह बराबर किस्तों में दिया जाएगा। पेंशनभोगियों को 58 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का लाभ भी मिलेगा।

महंगाई भत्ता बढ़ाने का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दैनिक खर्चों में थोड़ी वृद्धि हो रही है। फिर भी, केंद्रीय बैंक के अनुसार, मुद्रास्फीति नियंत्रण में है। मोहन यादव सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य कर्मचारियों, विशेष रूप से मध्य प्रदेश सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अब केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते के बराबर है। यह राज्य सरकार के कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

बकाया राशि छह किस्तों में वितरित की जाएगी।
कर्मचारियों को जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की अवधि का बकाया भी मिलेगा। यह राशि मई 2026 से शुरू होकर छह समान किस्तों में दी जाएगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी के साथ ही बकाया राशि भी मिलेगी, जिससे उन्हें काफी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के महासचिव उमाशंकर तिवारी ने आठ महीने बाद महंगाई भत्ता (डीए) में 3% की वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 से राज्य सरकार के लगभग 75 लाख कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता देने का निर्णय स्वागत योग्य है।

उमाशंकर तिवारी ने यह भी मांग की कि सरकार को जुलाई 2025 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत (डीआर) देने पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक लगातार मांग के बावजूद कोई निर्णय न लिए जाने के कारण कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *