बाजार में मशरूम की मांग बढ़ रही है। इस मांग को देखते हुए कई किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं।
यदि सर्दियों में मशरूम की सही किस्म की खेती की जाए, तो कम समय में अच्छी पैदावार के साथ-साथ अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
बटन और ऑयस्टर मशरूम की किस्में ठंडे मौसम में अच्छी पैदावार देती हैं। ये दोनों किस्में सर्दियों में बहुत सफल रहती हैं।
किसान इन्हें घरों, गोदामों, बने हुए शेड या बांस के तिनकों से बनी झोपड़ियों में आसानी से उगा सकते हैं।
बस यह ध्यान रखें कि मशरूम उगाने वाले कमरे में उचित वेंटिलेशन होना चाहिए, जिससे पैदावार तेजी से बढ़ती है।
भारत में कुछ राज्य मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त माने जाते हैं – उत्तर प्रदेश, लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी मात्रा में मशरूम का उत्पादन होता है।
खेती की प्रक्रिया और 50,000 रुपये कैसे कमाएं
हरियाणा में करनाल, कुरुक्षेत्र और सोनीपत मुख्य केंद्र हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और राजस्थान के जयपुर, अलवर और सीकर जिलों में सर्दियों में अच्छी पैदावार होती है।
गेहूं का भूसा, धान का भूसा, चावल का छिलका या अन्य सामग्री का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले बीज (कताई किए हुए) किसी अच्छी जगह से खरीदें। बीजों को प्लास्टिक की थैलियों, ट्रे या सीधे खाद में बोकर क्यारियां तैयार की जाती हैं।
बुवाई के 20-25 दिनों बाद मशरूम उगने लगते हैं। एक खाद के ढेर से 2-3 बार मशरूम उगते हैं, जिससे किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं।
यदि किसान छोटे से क्षेत्र में भी बॉटम या ऑयस्टर मशरूम की खेती करते हैं, तो वे आसानी से प्रति माह लगभग 20,000 रुपये से 50,000 रुपये कमा सकते हैं।