मरगुवां गांव में पेयजल संकट, फ्लोराइड से दूषित हैंडपंप का पानी खतरा

Saroj kanwar
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Tikamgarh News: मरगुवां गांव, जो टीकमगढ़ जिले के लिधौरा क्षेत्र में स्थित है, शिक्षा के मामले में काफी आगे है। यहां लगभग 90 प्रतिशत लोग साक्षर हैं और यह गांव पुराने समय से नौकरीपेशा लोगों के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि बुनियादी सुविधाओं में सड़क, बिजली और स्कूल उपलब्ध हैं, लेकिन अस्पताल की कमी है, जिससे इलाज के लिए ग्रामीणों को 5 किमी दूर जाना पड़ता है।

सबसे बड़ी समस्या यहां पेयजल की है। गांव में 15 हैंडपंप लगे हैं, लेकिन इनमें पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण लोग पानी पीने से बचते हैं। लोक स्वास्थ्य विभाग ने भी हैंडपंपों पर साफ लिखा है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है।

नल जल योजना के तहत तालाब के पास बोरवेल भी लगाया गया था, लेकिन बारिश के कारण वह डूब गया और योजना ठप हो गई। लोग प्राचीन बड़ी देवी मंदिर के पास स्थित हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि अधिकांश परिवार स्वास्थ्य जोखिम के बावजूद फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं। गांव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है और इसकी पहचान चंदेल कालीन की बड़ी देवी मंदिर से है।

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