मध्य प्रदेश में छह साल में 4.66 लाख पीएम आवास स्वीकृत, 4.07 लाख घर पूरे, 50 हजार निर्माणाधीन

Saroj kanwar
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MP News: मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (बीएलसी घटक) के तहत 1 अप्रैल 2018 से जुलाई 2025 तक कुल 4.66 लाख घर स्वीकृत किए गए, जिनमें से 4.07 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 87% है। वहीं 50 हजार से अधिक घर निर्माणाधीन हैं और करीब 8700 घरों का काम शुरू तक नहीं हो पाया है। पिछले डेढ़ साल में योजना में कोई नया प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ।वर्ष 2023-24 में नर्मदापुरम, सागर, आगरमालवा, अनूपपुर, अशोकनगर, दतिया, देवास, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, रायसेन, मंदसौर, विदिशा, निवाड़ी, मुरैना और बुरहानपुर जिलों में कुल 9194 घरों की स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद से प्रदेश में नए आवास प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली।

सागर जिले ने इस अवधि में सबसे अधिक आवास स्वीकृत किए। यहां 56,856 घरों को मंजूरी मिली, जो पूरे प्रदेश में स्वीकृत आवासों का 12% से अधिक है। सागर में 89% मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। सागर के बाद राजगढ़ (17,310), रायसेन (16,188), गुना (16,092), उज्जैन (15,913) और देवास (15,711) के आंकड़े हैं।

निर्माण कार्य में आगरमालवा, शाजापुर और इंदौर जिले अव्वल हैं, जहां 95% से अधिक मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। उज्जैन में 93% और भोपाल, खरगोन, बैतूल और रतलाम में 92% निर्माण हो चुका है। राजगढ़, बड़वानी और देवास में यह आंकड़ा 91% तक पहुंचा, जबकि खंडवा और मंदसौर में 90% मकान तैयार हैं। इसके विपरीत दमोह और दतिया जिले पिछड़ गए हैं, जहां दो साल बाद भी लगभग 29% मकानों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश में पीएम आवास योजना शहरी के तहत अधिकांश घर समय पर बन चुके हैं, लेकिन कुछ जिले निर्माण में पिछड़ गए हैं और नए प्रस्तावों में रुकावट जारी है।

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