उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता अपडेट 2026: कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी न केवल शारीरिक कष्ट देती है, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। हाल ही में मनाए गए विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए एक विशेष आशा की किरण जगाई है।
राज्य का श्रम विभाग “गंभीर बीमारी सहायता योजना” के माध्यम से उन पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सहायता कर रहा है जिनके पास आयुष्मान कार्ड या आयुष्मान वय वंदना कार्ड नहीं है। यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो आयुष्मान योजना की पात्रता सूची में शामिल नहीं हैं, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
खर्च की कोई सीमा नहीं
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उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित यह योजना कई मायनों में आयुष्मान भारत से भी अधिक लाभकारी है क्योंकि इसमें उपचार खर्च पर कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का वार्षिक खर्च ₹5 लाख तक सीमित है, लेकिन इस योजना के अंतर्गत कैंसर, हृदय रोग और गुर्दे की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च बोर्ड स्वयं वहन करता है। यह योजना न केवल आयुष्मान भारत में सूचीबद्ध बीमारियों को कवर करती है, बल्कि 13 अन्य गंभीर बीमारियों को भी शामिल करती है जो सामान्य बीमा योजनाओं के दायरे से बाहर हैं।
पात्रता मानदंड और लाभार्थी सदस्य
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना अनिवार्य है। बोर्ड के नियमों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत श्रमिक, उनके जीवनसाथी और 21 वर्ष से कम आयु के आश्रित बच्चों के इलाज का पूरा खर्च सरकारी या सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पतालों में नि:शुल्क प्रदान किया जाता है।
एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि यह योजना केवल उन श्रमिकों के लिए है जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उन लोगों को भी मिल सके जिन्हें पहले किसी भी प्रकार की सरकारी सुरक्षा से वंचित रखा गया था।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
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चिकित्सा सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बना दिया गया है, जिसके तहत श्रमिक को पहले आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। “श्रमिक पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने के बाद, लाभार्थी योजना अनुभाग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जहां उनके आधार नंबर और लिंक किए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से सत्यापन किया जाता है।
ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा, श्रमिक अपने निकटतम श्रम विभाग कार्यालय में जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन के साथ श्रम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और डॉक्टर द्वारा प्रमाणित चिकित्सा दस्तावेज होना आवश्यक है ताकि विभाग बिना किसी देरी के अस्पताल को भुगतान कर सके।