Pulses Production: क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी थाली में आने वाली दालें आखिर कहां से आती हैं? दुनिया में खाद्य उत्पादन के मामले में चीन, भारत, अमेरिका और ब्राजील जैसे देश सबसे आगे हैं। लेकिन जब बात दालों की आती है तो भारत का नाम सबसे ऊपर आता है।
दालें जैसे मसूर, चना, अरहर, मटर और बीन्स न सिर्फ हमारे खाने का अहम हिस्सा हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पोषण और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत हर साल लगभग 28 मिलियन मीट्रिक टन दालों का उत्पादन करता है। यह मात्रा इतनी ज्यादा है कि बाकी देशों की तुलना में भारत बहुत आगे है।
पिछले 20 सालों में भारत में दाल उत्पादन दोगुना से भी ज्यादा बढ़ा है। साल 2002 में जहां 11.13 मिलियन मीट्रिक टन दाल पैदा हुई थी, वहीं अब यह 28 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश प्रमुख दाल उत्पादक राज्य हैं। यहां खासतौर पर चना, अरहर और मसूर की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
भारत के बाद म्यांमार दूसरा सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश है, जिसका उत्पादन करीब 5.5 मिलियन मीट्रिक टन है। तीसरे नंबर पर कनाडा है, जहां करीब 5.1 मिलियन मीट्रिक टन दालें पैदा होती हैं। चीन, रूस, नाइजीरिया, नाइजर, इथियोपिया, ब्राजील और अमेरिका भी टॉप 10 देशों में शामिल हैं।
दुनिया के शीर्ष 10 दाल उत्पादक देश (वार्षिक उत्पादन – मिलियन मीट्रिक टन में)
1. भारत – 28
2. म्यांमार – 5.5
3. कनाडा – 5.1
4. चीन – 5
5. रूस – 4.1
6. नाइजीरिया – 4
7. नाइजर – 3.5
8. इथियोपिया – 3.47
9. ब्राजील – 2.9
10. अमेरिका – 2
वैश्विक स्तर पर लगभग 170 देशों में दालों की खेती होती है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार करीब 9.6 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर दालें बोई गईं और इसमें से 9.7 मिलियन टन उपज मिली। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि दालें दुनिया की खाद्य सुरक्षा और पोषण का एक अहम हिस्सा हैं।