भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग सिस्टम में बदलाव! टिकट पर सीधा असर

Saroj kanwar
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यात्रियों की सेवा में सुधार के लिए, भारतीय रेलवे ने अपने नियमों और व्यवस्थाओं में बार-बार बदलाव किए हैं। इस बार भी, उन्होंने सेवा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस नई पहल से यात्रियों को यात्रा के दौरान और बेहतर सेवा मिलेगी।

क्या हैं नए अपडेट?
18 साल बाद, भारतीय रेलवे ने अपने टिकट और किराया नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। सबसे अहम बदलाव टिकट बुकिंग प्रक्रिया में होगा, जहाँ केवल आधार से जुड़े और प्रमाणित उपयोगकर्ता ही बुकिंग के पहले 15 मिनट के भीतर ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएँगे। यह नियम 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होगा। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग में बिचौलियों और एजेंटों के प्रभाव को कम करना है, जिसका सीधा लाभ आम यात्रियों को मिलेगा।
क्या होंगे लाभ
2025 के अंत तक टिकट बुकिंग प्रणाली को एक नए और आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) से बदल दिया जाएगा। नई प्रणाली की बुकिंग क्षमता प्रति मिनट 1,50,000 टिकट होगी, जो वर्तमान क्षमता से लगभग पाँच गुना अधिक है।

टिकट पूछताछ क्षमता भी 4,00,000 से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट कर दी जाएगी। इससे वेबसाइट और ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग तेज़ और आसान हो जाएगी। नई प्रणाली में टिकट बुकिंग के दौरान कई उन्नत सुविधाएँ शामिल होंगी, जैसे बहुभाषी इंटरफ़ेस, पसंदीदा सीट चयन और किराया कैलेंडर, साथ ही विकलांगों, छात्रों और रोगियों के लिए विशेष सुविधाएँ। तत्काल टिकट बुकिंग में भी बदलाव किए गए हैं। जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार-आधारित ओटीपी सत्यापन अब अनिवार्य है।
इससे टिकट बुकिंग में बॉट्स और फर्जी अकाउंट्स के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। इस प्रणाली से यात्रियों के लिए तेज़ और आसान टिकट बुकिंग सुनिश्चित होगी। रेलवे ने किराया नियमों में भी संशोधन किया है, जो 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होंगे। गैर-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और एसी ट्रेनों के किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। हालाँकि, 500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए उपनगरीय ट्रेनों और द्वितीय श्रेणी के यात्री किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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