भारतीय रेलवे के नियम: ट्रेन यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण खबर है। यह याद रखना ज़रूरी है कि कई लोग पहले से ही अपनी सीटें बुक करा लेते हैं और सोचते हैं कि उनकी सीट सुरक्षित है। हालांकि, रेलवे जल्द ही एक नई सीट आवंटन नीति लागू करने जा रहा है, जिसका मतलब है कि अगर आप अपने निर्धारित बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं पहुंचते हैं, तो आपकी सीट किसी और को दी जा सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
अब तक क्या हो रहा था?
वर्तमान में, अगर कोई यात्री अपने निर्धारित स्टेशन पर ट्रेन में नहीं चढ़ता है, तो ट्रेन कर्मचारी अगले स्टॉप तक उसका इंतज़ार करते हैं। अगर यात्री तब भी नहीं पहुंचते हैं, तो उनकी सीट प्रतीक्षा सूची या आरएसी यात्री को दे दी जाती है। यह प्रक्रिया काफी समय लेने वाली हो सकती है, जिससे अक्सर सीटें लंबे समय तक खाली रह जाती हैं।
अब क्या बदलेगा?
नई प्रणाली के साथ, यात्री परिवहन तकनीशियन (टीटीई) को अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। टिकट जांच के दौरान जैसे ही पता चलता है कि कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं चढ़ा है, टीटीई तुरंत उस सीट को सिस्टम में “अनुपस्थित” के रूप में चिह्नित कर देगा। इसके बाद वह सीट तुरंत प्रतीक्षा सूची या आरएसी टिकट वाले यात्री को आवंटित कर दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीट की उपलब्धता की जानकारी सीधे यात्रियों के मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी, जिससे उन्हें बार-बार टीटीई से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी।
रेलवे यह बदलाव क्यों कर रहा है?
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेन की हर सीट का प्रभावी और पूर्ण उपयोग हो। रेलवे के अनुसार, प्रत्येक ट्रेन में लगभग 3 से 5 प्रतिशत सीटें खाली रह जाती हैं। इसका कारण अक्सर यात्रियों द्वारा यात्रा रद्द करना या समय पर स्टेशन न पहुंचना होता है। नई प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि ये खाली सीटें जल्द से जल्द अन्य यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से रेलवे की डिजिटल और आधुनिक प्रणालियों में सुधार होगा। इससे न केवल यात्रियों को आसानी होगी बल्कि ट्रेनों में भीड़भाड़ कम करने में भी मदद मिलेगी।