बैंक हड़ताल: आम लोगों के लिए बड़ी खबर। अगर आपको बैंकिंग से जुड़ा कोई काम है, तो सावधान रहें। बैंक जाकर उसे बंद न पाएं। बैंक कर्मचारियों के संघों ने आज, 27 जनवरी 2020 को हड़ताल की घोषणा की है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर यह हड़ताल बुलाई है।
नौ प्रमुख बैंक संघों का संयुक्त संगठन यूएफबीयू, मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हुए उस समझौते के लागू न होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की बात कही गई थी। वर्तमान में, बैंक कर्मचारियों को हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, जबकि उन्हें महीने के दो सप्ताहों में छह दिन काम करना अनिवार्य है।
कौन से बैंक हड़ताल में शामिल होंगे?
बैंक यूनियन की इस घोषणा के बाद, देशभर के सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक समेत देशभर के बैंक इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे। जोधपुर में, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
यूनियन का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने से बैंक कर्मचारियों के काम के घंटे कम नहीं होंगे, क्योंकि वे सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से लंबित है। इसी देरी के कारण 27 जनवरी, 2026 को हड़ताल का आयोजन किया जा रहा है। यूएफबीयू ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और सरकारी कार्यालय पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन कर रहे हैं, इसलिए बैंकों के लिए छह दिवसीय कार्य सप्ताह जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।