बेटियों के लिए विशेष सरकारी योजनाएँ: भारत में बेटियों की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए, केंद्र और राज्य सरकारें लगातार विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य माता-पिता की आर्थिक चिंताओं को कम करना है ताकि उनकी बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर और शादी की ज़रूरतें बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकें। आज हम आपको ऐसी ही प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं, जिनका आप आसानी से लाभ उठा सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना
यह योजना बेटियों के लिए सबसे लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं में से एक है। माता-पिता अपनी बेटी के जन्म से लेकर उसके दस वर्ष का होने तक इस योजना के तहत खाता खोल सकते हैं। इस खाते पर 8.2 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर मिलती है, जो बाजार में उपलब्ध अन्य जमा योजनाओं की तुलना में काफी अधिक है। वार्षिक जमा राशि न्यूनतम ₹250 से ₹1.5 लाख तक होती है। बेटी के 18 वर्ष का होने पर खाते से आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 21 वर्ष की आयु पर पूर्ण परिपक्वता अवधि उपलब्ध है।
बालिका समृद्धि योजना
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित परिवारों की सहायता करना है। सरकार बेटी के जन्म के बाद प्रारंभिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह खाता डाकघर या बैंक में खोला जा सकता है और जमा राशि पर ब्याज मिलता है। बेटी के 18 वर्ष का होने पर इस खाते से राशि निकाली जा सकती है। यह योजना समाज के उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिन्हें अपनी बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
सीबीएसई उड़ान योजना
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना विज्ञान-उन्मुख छात्राओं के लिए एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य उन्हें उन्नत शैक्षिक संसाधनों से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को सुगम बनाना है। इस योजना के तहत, छात्राओं को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह की शिक्षण सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। अध्ययन सामग्री और प्री-लोडेड टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाते हैं। देश के किसी भी बोर्ड से कक्षा 11 में पीसीएम विषय की पढ़ाई कर रही छात्राएँ आवेदन कर सकती हैं।
लाड़ली लक्ष्मी योजना
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। 2007 में शुरू की गई इस योजना के तहत कक्षा 6 में प्रवेश पर 2,000 रुपये, कक्षा 9 में प्रवेश पर 4,000 रुपये और कक्षा 12 में प्रवेश पर 6,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, जब लड़की 21 वर्ष की हो जाती है, तो उसकी शादी के लिए 1 लाख रुपये का अंतिम भुगतान किया जाता है। यह योजना लड़कियों को शिक्षा और विवाह दोनों में पर्याप्त सहायता प्रदान करती है।
माजी कन्या भाग्यश्री योजना
महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना बेटियों और उनकी माताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इस योजना के तहत, माँ और बेटी के नाम पर एक संयुक्त बैंक खाता खोला जाता है। इसमें लड़की को 1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 5,000 रुपये तक का ओवरड्राफ्ट मिलता है। यह योजना लाभार्थी के परिवार को सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता दोनों प्रदान करती है।