बुरहानपुर में वनाधिकार दावों की जांच करेगी टास्क फोर्स, 8 हजार दावे किए गए थे निरस्त

Saroj kanwar
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Burhanpur News: बुरहानपुर जिले में करीब 8 हजार वनाधिकार दावे निरस्त किए गए थे। इन्हीं मामलों की जांच के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का 4 सदस्यीय दल 24 जुलाई से जिले में पहुंच चुका है। यह दल जंगलों की स्थिति देखने के साथ ही लोगों और वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर रहा है, ताकि सही जानकारी मुख्यमंत्री को दी जा सके।

दल में पंधाना (खंडवा) के पूर्व विधायक राम दांगोरे, डॉ. शरदचंद लेले, कालू सिंह मुजाल्दे और डॉ. मिलिंद दांडेकर शामिल हैं। शुक्रवार को टीम हीरापुर बीट, नावरा रेंज पहुंची थी, लेकिन खंडवा जिले के ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर विरोध जताया, जिसके चलते टीम को लौटना पड़ा।

वन विभाग का कहना है कि 2005 के बाद जो लोग यहां बसे या अतिक्रमण किया, उनके दावे नियमों के तहत खारिज किए गए हैं। इनमें कई नाबालिग और बाहरी लोग भी शामिल हैं, जो वनाधिकार कानून के दायरे में नहीं आते। विभाग ने बताया कि 2020 से पहले जिले में भारी मात्रा में जंगल कट चुके थे और 2021-23 के बीच बड़ी कार्रवाई भी की गई थी।

अब यह टास्क फोर्स तीन दिनों तक खंडवा और बुरहानपुर के जंगलों की जांच कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि किन इलाकों में अतिक्रमण हुआ और किसे वास्तव में अधिकार मिलना चाहिए।

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