बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ देखी जा रही है। कई मतदान केंद्रों पर लोग वोट डालने के लिए कतारों में खड़े हैं। यहाँ तक कि कई जानी-मानी हस्तियों ने भी सुबह-सुबह वोट डाल दिया है।
पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं की किस्मत दांव पर है। लोग शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों में जाकर वोट डाल सकेंगे। पहले चरण में किन सीटों पर सबसे ज़्यादा नज़र है?
इन सीटों पर सबकी नज़र
पहले चरण में सबसे चर्चित सीट राघोपुर विधानसभा सीट है, जहाँ तेजस्वी यादव चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने उनके खिलाफ सतीश कुमार यादव को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। इस सीट का जातीय समीकरण तेजस्वी यादव के पक्ष में है। तेजस्वी यादव ने पिछले दो चुनाव 2015 और 2020 में जीते थे। इस बार का नतीजा 14 नवंबर को आने वाले नतीजों से ही तय होगा।
मोकामा सीट भी चर्चा में
पटना से महज एक किलोमीटर दूर स्थित मोकामा विधानसभा सीट भी चर्चा में है। जदयू ने इस सीट से बाहुबली नेता अनंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। राजद ने उनके खिलाफ बाहुबली नेता सूरजभान की पत्नी वीणा देव को मैदान में उतारा है। मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान जन सूरज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद यह सीट चर्चा का विषय बन गई है। जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं।
तारापुर में उपमुख्यमंत्री की साख दांव पर
तारापुर विधानसभा सीट पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की साख दांव पर है। उनका मुकाबला राजद के अरुण कुमार से है। यह सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है।
तेज प्रताप यादव महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
महुआ विधानसभा सीट भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राजद और अपने परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा है। लालू प्रसाद यादव ने उनके खिलाफ मुकेश कुमार यादव को चुनाव मैदान में उतारा है। तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई के खिलाफ राजद उम्मीदवार को जिताने की अपील करने महुआ का दौरा किया। उन्होंने कहा कि परिवार से ज्यादा पार्टी महत्वपूर्ण होती है।