नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के निराशाजनक प्रदर्शन ने लालू प्रसाद यादव के लिए पार्टी और परिवार को एकजुट रखने की एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाल दिया गया था।
अब उनकी बेटी और पार्टी नेता रोहिणी आचार्य ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने परिवार से भी अलग होने का ऐलान कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए यह ऐलान किया, जिससे बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है। उन्होंने पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी भी ली है।
रोहिणी आचार्य ने क्या कहा?
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार से राजद सदमे में है। रोहिणी आचार्य ने शनिवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक पोस्ट के ज़रिए इसकी घोषणा की। उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूँ और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूँ।”
संजय यादव और रमीज़ ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा था, और मैं इसकी ज़िम्मेदारी ले रही हूँ। उनके इस बगावती पोस्ट ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पहले ही राजद से निष्कासित किया जा चुका है।
तेज प्रताप ने यह विधानसभा चुनाव अपनी जनशक्ति जनता दल के बैनर तले लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। रोहिणी आचार्य ने सीधे तौर पर संजय यादव का नाम लेकर एक बड़ा ऐलान किया है।
संजय यादव का नाम सामने आया है।
लालू प्रसाद यादव के परिवार में मचे घमासान में संजय यादव का नाम पहले भी सामने आ चुका है। उन्होंने इसी नाम का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पूर्व प्रेमिका पर निशाना साधा था। संजय यादव से जुड़े विवाद में तेज प्रताप ने अपनी बहन रोहिणी का भी समर्थन किया था।
कुछ समय पहले तेज प्रताप ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था, “मैं गीता की कसम खाता हूँ कि चाहे कितने भी फोन आएँ, मैं राजद में वापस नहीं आऊँगा। हम बहन रोहिणी की गोद में खेले हैं। जो भी उनका अपमान करेगा, उसे सुदर्शन चक्र से दंडित किया जाएगा।” आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संजय यादव तेजस्वी यादव के प्रमुख सलाहकार माने जाते हैं।