बिहार की महिलाओं के लिए बड़ा अपडेट: ₹10,000 मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त होगी

Saroj kanwar
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यदि आप बिहार के निवासी हैं और अभी तक मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं, तो आपके पास बहुत कम समय बचा है। नीतीश कुमार सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत ₹10,000 की वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 है। यह बिहार में महिला सशक्तिकरण की सबसे सफल और महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक मानी जाती है। यदि आप भी आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो इस समय सीमा से पहले आवेदन करना आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पोर्टल 31 दिसंबर के बाद बंद हो जाएगा।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने बिहार की आर्थिक और सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर, 2025 के बाद कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना का दायरा काफी बढ़ गया है, इसलिए सरकार अब प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने और लाभ वितरित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

इस समय सीमा के बाद पोर्टल और ऑफलाइन दोनों प्रक्रियाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी। यदि आपने अभी तक अपना फॉर्म नहीं भरा है, तो अंतिम समय में तकनीकी खराबी का इंतजार न करें और आज ही अपना आवेदन जमा करें। केवल इस तिथि तक आवेदन करने वाली महिलाओं के आवेदनों पर ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

आवेदन कैसे करें
सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक अनिवार्य और सख्त शर्त रखी है। इसके बिना आप ₹10,000 की राशि प्राप्त नहीं कर सकतीं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया उनके निकटतम ग्राम संगठन के माध्यम से पूरी की जाएगी। आपको वहां जाकर अपनी रुचि व्यक्त करनी होगी और आवश्यक फॉर्म भरने होंगे।
शहरी क्षेत्रों की महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि आवेदन करने से पहले आपको जीविका स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होना आवश्यक है। जीविका पोर्टल के ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ अनुभाग पर जाकर आप पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

इन व्यवसायों के लिए सहायता उपलब्ध है:
सरकार न केवल वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 18 विभिन्न आशाजनक करियर विकल्प भी प्रदान कर रही है। ये विकल्प इस प्रकार तैयार किए गए हैं कि महिलाएं अपने घर के पास काम शुरू कर सकें।
हस्तशिल्प और घरेलू उद्योग: सिलाई, अगरबत्ती बनाना, मोमबत्ती बनाना, या पापड़ और अचार बनाना।

खुदरा और दुकानें: छोटी किराना दुकानें, ब्यूटी पार्लर, या चूड़ी की दुकानें।

कृषि और पशुपालन: मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, या फूलों की नर्सरी।

इस प्रारंभिक ₹10,000 की सहायता का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

आवश्यक दस्तावेज और पात्रता
आवेदन करने से पहले, कुछ दस्तावेज तैयार रखें ताकि आपका फॉर्म अस्वीकृत न हो। आपके पास बिहार का स्थायी निवास प्रमाण पत्र या आधार कार्ड होना चाहिए। इसके अलावा, आपके जीविका समूह सदस्यता कार्ड और बैंक पासबुक की एक प्रति अनिवार्य है, क्योंकि सहायता राशि सीधे आपके डीबीटी से जुड़े खाते में स्थानांतरित की जाएगी। यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो अपना व्यवसाय शुरू करके अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहती हैं।

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