अगर आप बिहार के निवासी हैं और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। बिहार सरकार ने लाइसेंस बनवाने की धीमी प्रक्रिया को खत्म करने और 24 घंटे के भीतर चिप आधारित ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। अब आपको परीक्षा पास करने के बाद आरटीओ के चक्कर लगाने में हफ़्ते नहीं बिताने पड़ेंगे। परिवहन विभाग का यह क्रांतिकारी कदम न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा, बल्कि जनता का बहुमूल्य समय भी बचाएगा। इस लेख में, हम बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस की नई प्रणाली और ऑनलाइन आवेदन करने के तरीके के बारे में जानेंगे।
परिवहन मंत्री का सख्त आदेश
बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि ड्राइविंग परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को लाइसेंस के लिए लंबा इंतजार कराना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने सभी जिला परिवहन कार्यालयों (डीटीओ) को लाइसेंस और आरसी प्रिंटिंग प्रणाली को सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया है।
विभाग के अनुसार, बिहार में हर महीने 55,000 से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं। बढ़ते दबाव को देखते हुए, अब प्रत्येक जिले के लिए कम से कम 90 दिनों के प्रिंटिंग सामग्री (स्मार्ट कार्ड और रिबन) का स्टॉक रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपूर्ति की कमी के कारण किसी का भी लाइसेंस रुका न रहे। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट कार्ड 24 घंटे में
पहले, बिहार में ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद कार्ड प्रिंट होने और घर तक पहुंचने में 15 से 30 दिन लगते थे। लोगों को कभी-कभी कार्ड प्रिंट होने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, नई प्रणाली अब पूरी तरह से डिजिटल और तेज है। जैसे ही आप अपना ड्राइविंग टेस्ट (सारथी पोर्टल के माध्यम से) पास करते हैं, आपकी जानकारी तुरंत प्रिंटिंग यूनिट को भेज दी जाएगी।
विभाग का लक्ष्य है कि टेस्ट पास करने के 24 घंटों के भीतर आपका चिप-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस वितरण के लिए तैयार हो जाए। यह कदम पारदर्शिता लाने और आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए उठाया गया है। अब आपको अपने लाइसेंस की स्थिति जानने के लिए बार-बार क्लर्क के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी; इसके बजाय, आपको अपने फोन पर टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपडेट मिलेंगे।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करें
बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अब बहुत सरल हो गई है। आप दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। पहला तरीका ऑनलाइन है (सारथी परिवहन पोर्टल)। आप सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। यहां आपको ‘नया ड्राइविंग लाइसेंस’ विकल्प चुनना होगा, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और अपनी सुविधानुसार टेस्ट स्लॉट बुक करना होगा।
दूसरा विकल्प ऑफलाइन है, जिसमें आप अपने नजदीकी जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) जाकर फॉर्म भर सकते हैं। प्रक्रिया डिजिटल ही रहेगी, लेकिन फॉर्म भरने के लिए आपको काउंटर पर जाना होगा। ध्यान दें कि दोनों ही मामलों में ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य है। टेस्ट पास करने के बाद ही आपका लाइसेंस प्रिंटिंग के लिए भेजा जाएगा।
बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माना
भारत में गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सबसे आवश्यक कानूनी दस्तावेज है। 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इसे प्राप्त कर सकता है। पहले आपको लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाता है, उसके बाद स्थायी लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होती है। वैध लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस नई सरकारी पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग बिना किसी परेशानी के जल्द से जल्द अपना लाइसेंस प्राप्त कर सकें और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा दे सकें।