पेंशन योजना: आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी और बढ़ती महंगाई में, सेवानिवृत्ति के बाद खर्चों का प्रबंधन कैसे किया जाए, यह सबसे बड़ा सवाल है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है और बैंक ब्याज दरें कभी भी बदल सकती हैं। इसलिए, अधिकांश लोग ऐसी योजना चाहते हैं जिसमें उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें बुढ़ापे में हर महीने एक निश्चित आय प्राप्त हो। इस ज़रूरत को पूरा करने के लिए, केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरी है।
अटल पेंशन योजना क्या है?
अटल पेंशन योजना सरकार द्वारा संचालित एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो निवेश के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित मासिक पेंशन प्रदान करती है। इस योजना के तहत, एक व्यक्ति को 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन मिल सकती है। सरकारी गारंटी के कारण जोखिम लगभग नगण्य है, यही वजह है कि युवा भी तेजी से इस योजना में शामिल हो रहे हैं।
कम उम्र में निवेश करने का बड़ा लाभ
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, मासिक किस्त उतनी ही कम होगी। अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में 5,000 रुपये की पेंशन के लिए निवेश शुरू करता है, तो उसे हर महीने बहुत कम रकम जमा करनी पड़ती है। वहीं, अगर यही निवेश 40 साल की उम्र में शुरू किया जाए, तो मासिक किस्त काफी बढ़ जाती है। यही कारण है कि जो लोग जल्दी निवेश शुरू करते हैं, उन्हें इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा होता है।
सरकारी गारंटी पेंशन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
अटल पेंशन योजना को अन्य निवेश विकल्पों से अलग करने वाली बात इसकी सरकारी गारंटी है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, लेकिन इस योजना में ऐसा नहीं है। भविष्य में पेंशन फंड से मिलने वाला रिटर्न कम होने पर भी, सरकार निश्चित पेंशन प्रदान करने के लिए अपना हिस्सा देती रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव हो, आपकी पेंशन स्थिर रहेगी।
पेंशन के साथ-साथ कर राहत
यह योजना न केवल सेवानिवृत्ति की योजना बनाने में मदद करती है, बल्कि कर बचाने में भी सहायक है। इस योजना में जमा की गई राशि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर छूट के लिए पात्र है। इसके अलावा, आप धारा 80CCD (1B) के तहत अतिरिक्त कर लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब है कि एक तरफ आपका भविष्य सुरक्षित है, वहीं दूसरी तरफ आप करों की बचत करते हैं।
इस योजना की खास खूबियां
यदि पेंशनभोगी का देहांत हो जाता है, तो वही पेंशन उनके जीवनसाथी को मिलती रहती है। दोनों के देहांत के बाद, पूरी संचित राशि नामांकित व्यक्ति को लौटा दी जाती है। इस योजना में ऑटो-डेबिट की सुविधा है, जिससे हर महीने बैंक जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। निवेशक साल में एक बार अपनी पेंशन राशि बढ़ा या घटा सकते हैं। यह योजना पूरी तरह से पारदर्शी है और निवेश संबंधी जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जाती है। दीर्घकालिक निवेश में चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ भी मिलता है, जिससे छोटी-छोटी रकम भी समय के साथ एक बड़ी धनराशि में बदल जाती है।
कौन निवेश कर सकता है?
अटल पेंशन योजना में केवल 18 से 40 वर्ष की आयु के व्यक्ति ही निवेश कर सकते हैं। एक वैध बचत बैंक खाता होना अनिवार्य है। अक्टूबर 2022 से, आयकर दाता इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं हैं, क्योंकि यह मुख्य रूप से समाज के असंगठित और निम्न-आय वर्ग के लिए बनाई गई है।
बुढ़ापे के लिए एक मजबूत सहारा
अटल पेंशन योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं है; यह एक मजबूत सहारा प्रणाली है जो बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। यदि कोई व्यक्ति बिना किसी जोखिम के अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है, तो यह योजना एक उत्कृष्ट विकल्प साबित हो सकती है।