केंद्रीय बजट 2026: भारत की जनता को आगामी केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, किसान, बुनकर, व्यवसायी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े सभी लोग इससे काफी लाभ की उम्मीद कर रहे हैं। 2026 के वित्तीय बजट के विशेषज्ञों के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किए जाने की संभावना है।
सरकार द्वारा अस्पतालों में बुनियादी ढांचे, आधुनिक उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता में सुधार करने की उम्मीद है। प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की शुरुआत भी की जा सकती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में काफी वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य पेशेवरों, चाहे वे पुरुष हों या महिला, को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। बजट में क्या-क्या प्रावधान हो सकते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मिलने वाली मजबूती
मोदी 3.0 सरकार अपने दूसरे पूर्ण बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दे सकती है। स्वास्थ्य बीमा, निवारक देखभाल, डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान में निवेश बढ़ाना इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
डॉ. एन.के. सोनी के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और निवारक सेवाओं के लिए, विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों में, अधिक आवंटन से मरीजों के इलाज के परिणामों में सुधार होगा।
इसके अलावा, डिजिटल स्वास्थ्य और बीमा सुविधाओं में सुधार से इलाज अधिक किफायती होने की उम्मीद है, जिससे मरीजों के इलाज का खर्च कम होगा। इससे एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष देखभाल पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ. संदीप सोनारा का मानना है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समय पर निदान, उन्नत इमेजिंग तकनीक और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जरी जैसी सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने से एंडोमेट्रियोसिस जैसी जटिल बीमारियों के बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
दीर्घकाल में, इससे सामाजिक-आर्थिक बोझ में भी काफी कमी आएगी। कुल मिलाकर, आगामी केंद्रीय बजट से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी नवाचार और समावेशी नीतियों की प्रबल अपेक्षाएं हैं।
बजट कब पेश किया जाएगा?
केंद्र सरकार 1 फरवरी, 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण देंगी, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पहले यह उम्मीद थी कि साप्ताहिक अवकाश के कारण बजट की तारीख में बदलाव होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।