फौजियों की फैक्ट्री है राजस्थान का ये गांव, हर घर का एक लड़का फौज में करता है नौकरी, जानें

Saroj kanwar
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Rajasthan: राजस्थान के सीकर जिला के मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूरी पर एक गांव है जिसे फौजियों की फैक्ट्री कहा जाता है। इस गांव के घरों में ज्यादातर युवा भारतीय सेवा और अर्धसैनिक बलों में नौकरी करते हैं। इस गांव का नाम खाकोली गांव है।

 इस गांव में बच्चों के दौड़ने के लिए विशेष ग्राउंड बनाया गया है। यहां हर कई रिटायर्ड आर्मी जवान है जो कि गांव के बच्चों को आर्मी के लिए तैयार करते हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि गांव के बच्चे अन्य नौकरियों के बजाय फौज में जाना ज्यादा पसंद करते हैं।

 1000 से अधिक हुआ फौज में करते हैं नौकरी 

 खाकोली गांव के 1000 से अधिक युवा भारतीय सेवा में शामिल होकर देश सेवा करते हैं वहीं ज्यादातर लोग यहां खेती पर निर्भर है। यहां के गांव में बुजुर्ग खेत में काम करते हैं और बच्चे सरहद पर देश की रक्षा करते हैं।

 जगह-जगह जय जवान जय किसान का स्लोगन

 इस गांव में जगह-जगह जय जवान जय किसान स्लोगन लिखा हुआ है। गांव में फौजी की तैयारी भारती के लिए एक लाइब्रेरी बनी हुई है। इस गांव के रिटायर्ड फौजियों ने ऑपरेशन मैं शामिल होकर पाकिस्तान से लड़ने के लिए भी कहा था।

 खाकोली गांव में पिछले कई दशक से फौज में शामिल होने की परंपरा चली जा रही है और इस परंपरा को युवा पीढ़ी और आगे बढ़ा रहे हैं। यहां के कई जवान 1999 में भारत का कारगिल युद्ध में भी शामिल हुए थे। 1999 में इस गांव के चंदन सिंह ने पाकिस्तान से लड़ाई लड़ते हुए शहादत देती थी।

 यहां 12 साल के बच्चे भी सेवा में जाने की लेते हैं ट्रेनिंग 

 इस गांव के 12 साल के बच्चे भी सेवा में जाने के लिए ट्रेनिंग लेते हैं और ग्राउंड पर जाकर कड़ी मेहनत करते हैं। इस गांव के हर घर के एक बच्चे फौज में शामिल होकर देश की सेवा करते हैं.

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