फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरें: यह बैंक FD पर 8.25% ब्याज दे रहा है। विवरण जानें।

Saroj kanwar
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एफडी दरें: सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी एफडी ब्याज दरों में वृद्धि की है। ग्राहक अब विशेष 30 महीने की एफडी पर अधिकतम 8.10% ब्याज दर का लाभ उठा सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर और भी अधिक, 8.25% है। ये नई दरें 29 मार्च, 2026 से प्रभावी हैं।

किस अवधि पर कितना ब्याज?
इस बैंक में, नियमित ग्राहकों को 18 महीने की एफडी पर 7.60% ब्याज मिलता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 7.75% का लाभ मिलता है। पांच साल की एफडी पर रिटर्न 7.90% है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को 8.05% तक का रिटर्न मिलता है। अल्पकालिक एफडी पर भी ब्याज दरें अवधि के आधार पर 4% से 6.5% तक भिन्न होती हैं।

क्या एफडी निवेश सुरक्षित है?
सूर्योदय बैंक में जमा राशि डीआईसीजीसी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक बीमित है। इसका मतलब है कि बैंक को कठिनाइयों का सामना करने पर भी, निवेशकों को एक निर्धारित सीमा तक सुरक्षा मिलती है।

अन्य बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरें क्या हैं?
अन्य बैंकों की बात करें तो, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आमतौर पर लगभग 7% ब्याज दरें देते हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक लगभग 7.1% का रिटर्न देते हैं, जबकि एसबीआई लगभग 7.05% का रिटर्न देता है। निजी बैंकों में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की ब्याज दरें लगभग 7.9%, यस बैंक की 7.75% और डीसीबी बैंक की 7.65% हैं। एचडीएफसी और आईसीआईसीआई जैसे प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें 7% से 7.1% के बीच हैं।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों में उच्च रिटर्न
स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें देते हैं। ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.5% तक का रिटर्न देता है, शिवालिक बैंक 8.3% और सूर्योदय बैंक 8.1% का रिटर्न देता है। यदि आप FD में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो विभिन्न बैंकों की दरों की तुलना अवश्य करें। उच्च ब्याज दरों के अलावा, बैंक की विश्वसनीयता और सुरक्षा का मूल्यांकन करना भी महत्वपूर्ण है।

लघु बचत योजनाएँ 2026
केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना सहित कई योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगी। निवेशकों को पिछली तिमाही के समान ही रिटर्न मिलता रहेगा, जिससे स्थिरता सुनिश्चित होगी।

नई तिमाही के लिए अधिसूचना जारी
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून 2026) के लिए लघु बचत योजनाओं के संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस अवधि के दौरान किसी भी योजना की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्णय लाखों निवेशकों के लिए राहत की बात है। 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक की तिमाही अवधि के लिए, निवेशकों को पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के समान ही ब्याज दर प्राप्त होगी। इसका अर्थ है कि सभी लघु बचत योजनाओं की दरें स्थिर रखी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप रिटर्न में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इस निर्णय से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई), सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट जैसी लोकप्रिय योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों पर असर पड़ेगा। हालांकि, ब्याज दरें अपरिवर्तित रहने के कारण निवेशकों के रिटर्न पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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