फिंगर लगवाने के बाद राशन नहीं मिला, विक्रेता के खिलाफ होगी एफआईआर

Saroj kanwar
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Tikamgarh News: टीकमगढ़ में एक विक्रेता ने घर-घर जाकर हितग्राहियों के फिंगर लगवाए और पीओएस मशीन से तीन माह का राशन निकाल लिया, लेकिन वितरण नहीं किया। शिकायत की जांच में पता चला कि गोदाम में गेहूं, चावल, नमक और शक्कर की काफी कमी है। स्टॉक पोर्टल और पीओएस मशीन के आंकड़े भी मेल नहीं खाते।

शिकायत पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने दुकान का निरीक्षण किया तो विक्रेता अनुपस्थित था और मोबाइल भी बंद था। स्थानीय लोगों ने बताया कि विक्रेता घर-घर जाकर फिंगर लगवाता था, पर राशन उपलब्ध नहीं था। ई-केवायसी के नाम पर पैसे भी वसूले गए। दुकान पर मूल्य सूची, स्टॉक सूची और तीन माह का राशन वितरण बोर्ड नहीं मिला।

गोदाम सत्यापन में कुल 13,497 किग्रा गेहूं, 14,067 किग्रा चावल, 237 किग्रा नमक और 111 किग्रा शक्कर कम पाई गई। इससे कुल 9,76,140 रुपए की कालाबाजारी सामने आई। यह मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन है। अब बल्देवगढ़ एसडीएम ने विक्रेता से राशि वसूलने और कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

डीएसओ कुलदीप मौर्य ने हितग्राहियों को जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब तक राशन प्राप्त न हो, फिंगर न लगाएं। अगर विक्रेता बाद में राशन देने की बात कहकर फिंगर लगाने को कहे, तो हितग्राही फिंगर न लगाएं और शिकायत विभाग में करें। बिना राशन फिंगर लगाने की स्थिति में हितग्राही की जिम्मेदारी तय होगी।

इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बल्देवगढ़ और अन्य ब्लॉकों में राशन वितरण में किसी तरह की अनियमितता दोबारा न हो।

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