प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना: देश भर के ज़रूरतमंद परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार ने त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, कमज़ोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु यह अहम फ़ैसला लिया है।
निःशुल्क राशन योजना का विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान ज़रूरतें बढ़ जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर के अंतिम सप्ताह तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस अवधि के दौरान, सरकार गरीब परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त गेहूं या चावल और प्रति परिवार 1 किलो चना मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इस विस्तार से सरकार पर ₹90,000 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। योजना की शुरुआत से नवंबर तक कुल खर्च लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुँच जाएगा।
बैंक खातों में सीधी सहायता
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भी स्थानांतरित की गई है। लगभग 20 करोड़ गरीब परिवारों को जन धन खातों में ₹31,000 करोड़ मिले। 9 करोड़ से ज़्यादा किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में ₹18,000 करोड़ मिले, जिससे मुश्किल समय में बड़ी संख्या में परिवारों को वित्तीय सहायता मिली।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज
कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने और लॉकडाउन के दौरान लोगों को राहत प्रदान करने के लिए वित्त मंत्री द्वारा घोषित इस पैकेज में ₹1.70 लाख करोड़ की सहायता शामिल है। इस पैकेज में गरीबों के लिए मुफ्त राशन, महिलाओं के जनधन खातों में धन हस्तांतरण, वरिष्ठ नागरिकों को सहायता और किसानों को वित्तीय सहायता शामिल है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को तीन मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी प्रदान किए गए। ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए मनरेगा के तहत मजदूरी भी बढ़ाई गई।
एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड
सरकार पूरे देश में एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड प्रणाली लागू कर रही है। इससे प्रवासी मज़दूर और बेघर लोग देश में कहीं से भी अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे लाखों परिवारों को काफ़ी फ़ायदा होगा।
आवेदन प्रक्रिया
मुफ़्त राशन पाने के लिए किसी अलग प्रक्रिया की ज़रूरत नहीं है। जिनके पास राशन कार्ड है, वे इस योजना का फ़ायदा स्वतः उठाएँगे। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, वे भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना की शुरुआत से जुड़े तथ्य
गरीब कल्याण योजना नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद शुरू की गई थी। इसके तहत काले धन का खुलासा करने वालों को कर में छूट दी गई थी। इस योजना के तहत जमा की गई धनराशि का एक हिस्सा गरीबों के कल्याण के लिए निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया गया।