पीएम स्वनिधि योजना अपडेट: सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 30,000 रुपये का यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया

Saroj kanwar
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पीएम स्वनिधि योजना: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना (पीएम स्वनिधि योजना) देश भर के रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक प्रमुख वित्तीय सशक्तिकरण साधन है। पिछले केंद्रीय बजट में, सरकार ने इस योजना के तहत ₹30,000 तक की सीमा वाले UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड प्रदान करने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी।

इस अभूतपूर्व सुविधा से रेहड़ी-पटरी वालों को अप्रत्याशित व्यावसायिक और व्यक्तिगत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत ऋण मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें खुदरा और थोक लेनदेन पर ₹1,600 तक का कैशबैक प्रोत्साहन भी मिलेगा। यह Google खोज-अनुकूल सामग्री आपको इस प्रभावशाली योजना और इसके नए बदलावों के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना क्या है?
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक संकट से निपटने में मदद करने के लिए शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे विक्रेताओं को आसान शर्तों पर कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है, जिससे वे अपना व्यवसाय सुचारू रूप से जारी रख सकें।

यह योजना 31 मार्च, 2030 तक वैध है, जिससे विक्रेताओं को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिलती है। पहले, इस योजना के तहत पहली किस्त ₹10,000 थी, जिसे पिछले अगस्त में बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया था। इसी प्रकार, दूसरी किस्त, जो पहले ₹20,000 थी, को बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। तीसरी किस्त ₹50,000 ही रखी गई है।

अगस्त में हुए बड़े बदलाव
पिछले अगस्त में, सरकार ने इस योजना का पुनर्गठन किया और इसे और अधिक समावेशी बनाया। इस योजना का कुल परिव्यय बढ़ाकर ₹7,332 करोड़ कर दिया गया। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभान्वित करना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) संयुक्त रूप से इस योजना को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कर रहे हैं। DFS की मुख्य भूमिका बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण और क्रेडिट कार्ड तक पहुँच को सुगम बनाना है।

नए बदलावों की मुख्य विशेषताएँ
पहली और दूसरी किस्तों के लिए ऋण राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
दूसरी किस्त सफलतापूर्वक चुकाने वाले लाभार्थियों को ₹30,000 की सीमा वाला क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाएगा।
खुदरा और थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शुरू किए गए हैं, जो ₹1,600 तक के लाभ प्रदान करते हैं।
इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है।
यह UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड एक अत्यंत शक्तिशाली उपकरण है जो रेहड़ी-पटरी वालों को अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएँ प्रदान करता है और उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ता है।

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