पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त – पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जल्द ही किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। केंद्र सरकार 10 नवंबर तक इस योजना की 21वीं किस्त जारी कर सकती है। इसका लाभ लगभग 10 करोड़ किसानों को मिलेगा। सरकार किसानों को केवल ₹2,000 ही हस्तांतरित करेगी।
जिन किसानों ने अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उन्हें किस्त की राशि नहीं मिलेगी। 20वीं किस्त 2 अगस्त, 2025 को हस्तांतरित की गई थी। किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसानों का पैसा अक्सर भुगतान के बीच में ही अटक जाता है। ऐसी समस्याओं से बचने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
किसानों को यह करवाना चाहिए
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपना ई-केवाईसी पूरा कर लिया है। अगर किसी कारणवश आपका ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, तो आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना ई-केवाईसी पूरा करें। 20वीं किस्त में भी, सरकार ने उन किसानों को किस्त की राशि नहीं दी जिन्होंने अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया था। 9.8 करोड़ किसानों के खातों में धनराशि हस्तांतरित नहीं की गई।
योजना की आवश्यक शर्तें
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाने के लिए कई आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी। अगर किसी किसान के पास 2 हेक्टेयर से ज़्यादा कृषि योग्य ज़मीन है, तो उसका नाम भू-अभिलेखों में दर्ज होना चाहिए। लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करना भी ज़रूरी है। योजना का लाभ उठाने के लिए, किसानों को पीएम किसान पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
किसानों के खातों में डीबीटी के ज़रिए पैसा ट्रांसफर किया जाता है। एक परिवार में केवल एक ही व्यक्ति को ₹2,000 की किस्त का लाभ मिल रहा है। इसमें एक ही परिवार के दो सदस्यों को लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।
किस्त की राशि कैसे चेक करें?
अगर सरकार ने किस्त की राशि ट्रांसफर कर दी है और आपको कोई मैसेज नहीं मिला है, तो आप इसे आसानी से चेक कर सकते हैं। आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से पता कर सकते हैं कि किस्त की राशि मिली है या नहीं। आप अपने बैंक जाकर भी अपनी किस्त का भुगतान देख सकते हैं। कई बार किस्त का भुगतान तो मिल जाता है, लेकिन दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस नहीं आता। इससे किसान असमंजस में पड़ जाते हैं कि पैसा आया है या नहीं।