केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ चलाती हैं, जिनमें से एक किसान सम्मान निधि योजना भी है। इसके बावजूद, अमेठी के 50% से ज़्यादा किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं? आइए जानने की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों है।
अमेठी के कई किसानों ने किसान सम्मान निधि का फॉर्म तो भर दिया है, लेकिन अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। बिना पंजीकरण के किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता। अगर किसी किसान ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो उसे तुरंत पंजीकरण कराना चाहिए। अन्यथा, वह किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने से वंचित रह जाएगा।
ई-फॉर्म रजिस्ट्री का सत्यापन ज़रूरी
रिपोर्ट्स के अनुसार, ज़िले के 3.53 लाख से ज़्यादा किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत ₹9 करोड़ से ज़्यादा की राशि मिल चुकी है। हालाँकि, लगभग 50% किसान अभी भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं क्योंकि उनकी ई-फॉर्म रजिस्ट्री का सत्यापन नहीं हुआ है।
बिना रजिस्ट्री वाले किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
निदेशक सत्येंद्र कुमार ने कहा कि जिस तरह हर काम के लिए आधार कार्ड ज़रूरी है, उसी तरह किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए किसान रजिस्ट्री भी ज़रूरी है। जिन किसानों के पास रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने सभी किसानों से जल्द से जल्द अपनी रजिस्ट्री पूरी करने का आग्रह किया ताकि अगली किस्त से पहले उसका सत्यापन हो सके।
21वीं किस्त कब आएगी?
सरकार ने अभी तक प्रधानमंत्री किसान योजना की 21वीं किस्त की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है। हालाँकि, फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 21वीं किस्त नवंबर के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द ही अपना पंजीकरण करवा लें, क्योंकि देरी होने पर उनका नाम सूची से हट सकता है।
यह धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों को भेजी जाएगी। किसानों को अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करना होगा। यदि आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो किस्त में देरी हो सकती है।