RBI: वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मिलकर एक ऐसा पोर्टल बनाने पर काम कर रहे हैं जो नागरिकों को उनकी लावारिस वित्तीय संपत्तियों को खोजने और उन पर दावा करने में मदद करेगा। यह पोर्टल बैंक जमा, पेंशन फंड, शेयर, लाभांश और बीमा प्रीमियम सहित विभिन्न वित्तीय श्रेणियों की लावारिस संपत्तियों को एकत्रित करेगा। इस पहल का लक्ष्य इन संपत्तियों का पता लगाने और उन पर दावा करने की प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और कारगर बनाना है।
लावारिस संपत्तियों की स्थिति
वर्तमान में, RBI, SEBI और IRDAI जैसे नियामक RBI के UDGAM, SEBI के MITRA और IRDAI के बीमा भरोसा पोर्टल जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से लावारिस संपत्तियों का पता लगाने में मदद के लिए सेवाएँ प्रदान करते हैं। हालाँकि, जटिल और असंबद्ध प्रक्रिया के कारण नागरिकों को अभी भी इन संपत्तियों पर दावा करने में कठिनाई होती है। इस समस्या के समाधान के लिए, सरकार ने अक्टूबर 2025 में ‘आपकी पूँजी, आपके अधिकार’ नामक एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया है, जो वित्तीय समावेशन और शिक्षा पर केंद्रित है और दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान के दौरान अब तक 1,887 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां उनके वास्तविक धारकों और नामांकित व्यक्तियों को वापस कर दी गई हैं।
पोर्टल की विशेषताएँ
यह एकीकृत पोर्टल सभी नियामकों की संपत्तियों के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में काम करेगा, जिससे विभिन्न स्रोतों से खोज करने की परेशानी दूर होगी। एकीकृत डिजिटल उपकरणों और तत्काल सहायता शिविरों के साथ, यह पोर्टल नागरिकों को उनकी अघोषित धनराशि का पता लगाने, उनके दस्तावेज़ों को अद्यतन करने और दावा प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेगा। विभाग के सचिव एम. नागराजू ने बताया कि यह पोर्टल जल्द ही लॉन्च होने वाला है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और निपटान में तेज़ी आएगी। यह पहल लाखों भारतीयों को उनकी निष्क्रिय संपत्ति वापस पाने में मदद करेगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बढ़ावा मिलेगा। इसे वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।