2025 में, अगर किसी शहर का भारत के आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में दबदबा रहा, तो वह मुंबई ही था। अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया की हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि मुंबई ने न केवल आवासीय बिक्री में देश का नेतृत्व किया, बल्कि पिछले दस वर्षों में ऑफिस स्पेस लीजिंग में भी दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया।
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में जुलाई से दिसंबर 2025 तक की अवधि को शामिल किया गया है और इसमें भारत के प्रमुख शहरों के ऑफिस और आवासीय बाजारों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
मुंबई में ऑफिस लीजिंग का दमदार प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में मुंबई में कुल 9.8 मिलियन वर्ग फुट कार्यालय स्थान लीज़ पर दिया गया। हालांकि यह आंकड़ा 2024 की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत कम था, फिर भी यह पिछले दशक का दूसरा सबसे मजबूत वर्ष रहा।
वर्ष की दूसरी छमाही में, जुलाई से दिसंबर 2025 तक, 4.3 मिलियन वर्ग फुट कार्यालय स्थान लीज़ पर दिया गया। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद मुंबई कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बना हुआ है।
आवासीय बाजार में बिक्री का नया रिकॉर्ड
जहां ऑफिस सेगमेंट में स्थिरता दिखी, वहीं मुंबई में आवासीय रियल एस्टेट बाजार ने नई ऊंचाइयों को छुआ। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पूरे शहर में 97,188 घर बिके, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि है।
वर्ष की दूसरी छमाही में यह गति और तेज़ हुई, जिसमें 50,153 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। ये आंकड़े बताते हैं कि बढ़ती कीमतों के बावजूद बाज़ार में खरीदारों का विश्वास मज़बूत बना हुआ है।
संपत्ति की कीमतों में निरंतर वृद्धि
2025 में मुंबई में घरों की औसत कीमत में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शहर में घरों की औसत कीमत अब ₹8,856 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है। यह मूल्य वृद्धि अचानक नहीं हुई, बल्कि लगातार मजबूत मांग और सीमित आपूर्ति का परिणाम है। प्रमुख स्थानों पर नई परियोजनाओं की कमी और रहने के लिए तैयार घरों की बढ़ती मांग ने कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है।
किफायती नहीं, लेकिन प्रीमियम घरों की मांग अब बढ़ रही है।
रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष यह है कि खरीदार अब किफायती घरों से हटकर प्रीमियम सेगमेंट की ओर रुख कर रहे हैं। 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बीच कीमत वाले घरों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
बेहतर जीवनशैली, बड़े घर, आधुनिक सुविधाएं और सुविधाजनक स्थान अब खरीदारों के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही कारण है कि डेवलपर्स भी मिड-रेंज और लग्जरी सेगमेंट पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
बुनियादी ढांचा बढ़ती मांग का प्रमुख चालक है
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार को मजबूत करने में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मेट्रो लाइन 3 और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक जैसी प्रमुख परियोजनाओं के चालू होने से बाहरी और उपनगरीय क्षेत्रों से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है।
इसके चलते पहले दूरस्थ माने जाने वाले क्षेत्रों में घर खरीदने में लोगों की रुचि में अचानक वृद्धि हुई है। इससे शहर के पारंपरिक लोकप्रिय इलाकों पर दबाव भी कुछ हद तक कम हुआ है।
वैश्विक कंपनियों के लिए मुंबई पहली पसंद बनता जा रहा है
नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतर्राष्ट्रीय पार्टनर गुलाम ज़िया के अनुसार, मुंबई का ऑफिस मार्केट लंबे समय से स्थिरता और मजबूती का उदाहरण रहा है। 2025 में ऑफिस लीजिंग के लिए दशक के दूसरे सबसे ऊंचे आंकड़े इसका प्रमाण हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) सेगमेंट में देखा गया है। इस सेगमेंट की बाजार हिस्सेदारी लगभग तीन गुना हो गई है। वैश्विक कंपनियां अब उन्नत विश्लेषण और साझा सेवाओं के लिए मुंबई के मजबूत प्रतिभा भंडार का व्यापक रूप से उपयोग कर रही हैं।