नशा व्यक्ति की सोच, ऊर्जा और आत्मिक शक्ति को करता है कमजोर

Saroj kanwar
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Jhabua News: कट्ठीवाड़ा के हायर सेकेंडरी स्कूल राजेंद्र आश्रम ट्रस्ट में नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें इंदौर से आए ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है। शराब, तंबाकू और ड्रग्स जैसे मादक पदार्थ सीधे दिमाग और नसों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे व्यक्ति की निर्णय क्षमता, याददाश्त और भावनात्मक संतुलन प्रभावित होता है।

उन्होंने बताया कि नशा करने से शरीर में डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे रसायनों का असंतुलन हो जाता है, जिससे इंसान की खुशी प्राकृतिक रूप से महसूस नहीं होती और बार-बार नशे की जरूरत पड़ती है। कुछ शोध बताते हैं कि लंबे समय तक नशा करने से जीन संरचना भी प्रभावित हो सकती है, जिसका असर अगली पीढ़ी पर पड़ता है।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमार लालू भाई ने कहा कि नशा शरीर की ऊर्जा, मन की शांति और आत्मा की पवित्रता को खत्म करता है। समाज को स्वस्थ और सकारात्मक बनाने के लिए नशा मुक्त जीवन जरूरी है। सीनियर शिक्षक विजय कुलकर्णी ने कहा कि नशा व्यक्ति को बाहरी चीजों पर निर्भर बना देता है और आत्मबल कमजोर हो जाता है।

ब्रह्माकुमार हालसिंह तोमर ने बताया कि नशा इंसान की बौद्धिक और शारीरिक शक्ति घटाता है और चरित्र पर बुरा असर डालता है। अंत में ब्रह्माकुमारी सानिया बहन ने सभी को नशा न करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में कई शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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