नमो ड्रोन दीदी योजना: महिलाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, ड्रोन ट्रेनिंग और 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी पाएं

Saroj kanwar
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केंद्र सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए लगातार योजनाएँ चला रही है। इन्हीं में से एक है नमो ड्रोन दीदी योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त करके कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाश सकती हैं। सरकार कृषि में तकनीक के इस्तेमाल से महिलाओं को आत्मनिर्भर और आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।

नमो ड्रोन दीदी योजना क्या है?

यह योजना महिलाओं को कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का उपयोग सिखाने के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत, ग्रामीण महिलाओं को 2 से 4 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें ड्रोन उड़ाना, रखरखाव, छिड़काव तकनीक और खेत संचालन शामिल है। प्रशिक्षण पूरा होने पर, महिलाएं प्रमाणित ड्रोन पायलट बन सकती हैं। इस प्रक्रिया की निगरानी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा की जाती है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। ड्रोन तकनीक महिलाओं को कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों, कीटनाशकों और पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग करने में सक्षम बनाती है। इससे किसानों की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और महिलाएं सेवाएँ प्रदान करके आय अर्जित कर सकेंगी। इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सब्सिडी और ऋण सुविधा

इस योजना के तहत, स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन खरीद पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। अधिकतम ₹8 लाख (लगभग ₹8 लाख) तक की सब्सिडी उपलब्ध है। शेष राशि कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत मात्र 3% ब्याज दर पर ऋण द्वारा वहन की जाएगी। इस प्रावधान से ग्रामीण महिलाओं के लिए ड्रोन खरीदना और अपना व्यवसाय शुरू करना आसान हो गया है।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

केवल स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाएँ ही इस योजना के लिए पात्र होंगी। उनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे ग्रामीण क्षेत्रों की निवासी होनी चाहिए। वर्तमान में, आवेदन के लिए कोई ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध नहीं है। इच्छुक महिलाओं को अपने क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह समूह या संबंधित ग्रामीण विकास कार्यालय से संपर्क करना होगा। आवेदन ऑनलाइन होंगे और चयन होने पर महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह योजना महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

ड्रोन-आधारित कृषि सेवाओं की माँग बढ़ रही है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षित महिला पायलटों की सीमित संख्या महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है। यह योजना न केवल महिलाओं को नई तकनीकों का ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उन्हें स्वरोज़गार का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी और उन्हें आय का एक सम्मानजनक स्रोत मिलेगा।

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