दो घंटे की तेज बारिश से मक्का-सोयाबीन को मिला जीवनदान

Saroj kanwar
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Burhanpur News: दो सप्ताह के इंतजार के बाद बुधवार को शाम 4 से 6 बजे तक तेज बारिश हुई, जिसके बाद देर रात तक हल्की बारिश जारी रही। इस बारिश से मक्का और सोयाबीन की फसलों को नया जीवन मिला। मक्के में भुट्टे आ चुके थे लेकिन पानी की कमी से दाने नहीं भर रहे थे, अब दाने तेजी से भरेंगे। किसानों की चिंता दूर हुई और खेतों में नमी लौट आई। सोयाबीन की फसल में फूल खिल गए हैं और पौधों की ऊंचाई 4 से 5 फीट तक पहुंच गई है। अक्टूबर में फसल तैयार होने की संभावना है और किसानों को अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।

पिछले दो हफ्तों से बारिश न होने के कारण फसलों पर इल्लियों का प्रकोप बढ़ गया था। किसान खरपतवार निकालने और कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे थे। बारिश से पहले ही खाद और दवा डाल दी गई थी, जिससे अब फसलों को और फायदा मिलेगा। बैल जोड़ी से खेत जोतकर खरपतवार निकाली जा रही है, वहीं सोयाबीन में खरपतवार नाशक का छिड़काव भी हो रहा है।

इस बार क्षेत्र में मक्का की बोवनी 2000 हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 1800 हेक्टेयर से अधिक है। मक्का की खेती आसान होती है और हल्की बारिश में भी उग जाती है, इसलिए किसानों ने इसे अधिक लगाया। मक्का की फसल अक्टूबर-नवंबर में तैयार होती है और इसमें खाद व स्प्रे की जरूरत कम पड़ती है। पिछले साल मक्का का भाव 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल था, इस बार दाम बढ़ने की उम्मीद है। एक एकड़ में 25 से 30 क्विंटल उत्पादन संभव है।

पिछले साल उत्पादन और दाम दोनों अच्छे मिलने से किसानों ने इस बार रकबा बढ़ाया है। क्षेत्र के कई गांवों में लोखंडिया, मातापुर, नायर, सामरिया, ताजनापुर, साईखेड़ा, बसाली, तलावड़ी, नांदखेड़ा, बलवाड़ा और कारखेडा में मक्का की खेती जोरों पर है। इस बारिश से इन सभी गांवों के किसानों में उत्साह है।

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