PKVY Scheme 2026 : किसानों की आय बढ़ाने और खेती को ज्यादा फायदेमंद बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है। अब जो किसान जैविक खेती (Organic Farming) अपनाएंगे, उन्हें ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में भेजा जाएगा, जिससे वे जैविक खाद, बीज और जरूरी उपकरण खरीद सकें। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए यह योजना किसानों के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है।
यह योजना क्यों लाई गई है?
जैविक खेती से न केवल लागत कम होती है बल्कि मिट्टी की उर्वरकता भी बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है, ताकि किसान रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भर न रहें। इसके तहत किसानों को जैविक खेती के लिए जरूरी प्रशिक्षण, तकनीक और फसल प्रमाणीकरण की सुविधा भी दी जाएगी। इसका मकसद है कि किसान स्वस्थ खेती करें, बेहतर दाम पाएं और अपनी आमदनी में सुधार कर सकें।
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना हर किसान के लिए नहीं है, बल्कि खास तौर पर उन्हीं किसानों के लिए है जो वास्तव में जैविक खेती को अपनाने के इच्छुक हैं। इसके लिए किसानों को अपनी जमीन के कागजात, आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स जमा करनी होंगी। साथ ही उन्हें एक क्लस्टर (समूह) के रूप में पंजीकरण कराना होगा। सरकार चाहती है कि इस योजना का फायदा उन्हीं किसानों को मिले जो पूरी ईमानदारी से जैविक खेती करना चाहते हैं।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे किसानों को किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। किसानों को अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक जानकारी अपलोड करनी होगी। एक बार दस्तावेजों का सत्यापन हो जाने के बाद सरकार सीधे किसानों के बैंक खाते में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की राशि भेज देगी।
इस योजना से किसानों को क्या-क्या फायदा होगा?
यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की खेती की पूरी प्रणाली को बदलना है। जैविक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी, फसलें अधिक सुरक्षित होंगी और बाज़ार में इन्हें बेहतर दाम मिलेंगे। साथ ही, जैविक उत्पादों की मांग विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को निर्यात का भी अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। कृपया योजना से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या संबंधित कृषि विभाग से संपर्क करें।CategoriesLatest Update