हाइड्रोजन ट्रेन रूट: ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी! हाइड्रोजन ट्रेन का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है और इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारियां चल रही हैं। साल 2026 भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति लेकर आएगा। पहली बार कोई ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली पर निर्भर किए बिना हाइड्रोजन का उपयोग करके पटरियों पर चलेगी। इस ट्रेन का रूट तय हो चुका है और टिकट की कीमतें काफी किफायती होंगी, जिससे आम यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। किराए की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।
ट्रेन शुरू में इस रूट पर चलेगी:
हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन हरियाणा के जिंद और सोनीपत के बीच चली। लगभग 90 किलोमीटर का यह रूट देश में इस नई तकनीक का ट्रायल करने वाला पहला रूट बन गया है। कल ही, 25 फरवरी को, देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का ट्रायल रन इसी रूट पर हुआ। जल्द ही, इस रूट पर नियमित हाइड्रोजन ट्रेनें चलने लगेंगी।
यह होगी हाइड्रोजन ट्रेन की गति
इस ट्रेन की सबसे खास बात इसका प्रदूषण रहित संचालन और कम शोर स्तर है। यह हाइड्रोजन ईंधन सेल से ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए विद्युत रासायनिक तकनीक का उपयोग करती है। यह ट्रेन लगभग 9 किलोग्राम पानी से प्राप्त हाइड्रोजन से संचालित होगी।
इसकी डिज़ाइन की गई गति 150 किमी/घंटा है, लेकिन वास्तविक संचालन के दौरान यह 110 से 140 किमी/घंटा की गति से चल सकती है। इसका सीधा लाभ यह है कि जिंद से सोनीपत की यात्रा, जिसमें वर्तमान में लगभग 2 घंटे लगते हैं, घटकर 1 घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकती है।
किराया बेहद कम होगा
इस मार्ग के किराए को लेकर काफी चर्चा हो रही है। जिंद और सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर की यात्रा का किराया मात्र ₹5 से ₹25 तक हो सकता है। आज के समय में जब बेहतर सुविधाओं या तेज़ यात्रा की चाहत जेब पर भारी पड़ सकती है, ऐसे में इतना किफायती किराया नियमित यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। गौरतलब है कि यह एक हरित तकनीक वाली ट्रेन होने के बावजूद, टिकट की कीमतें किफायती रहेंगी।
यात्रियों को ये सुविधाएं मिलेंगी
यह ट्रेन न केवल ईंधन दक्षता के मामले में नई है, बल्कि इसमें कई उन्नत सुविधाएं भी हैं। इसमें स्वचालित दरवाजे, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और आधुनिक इंटीरियर जैसी सुविधाओं से लैस आठ यात्री कोच होंगे।