बीसीसीआई भले ही हार्दिक पांड्या को अभी वनडे टीम के लिए पूरी तरह तैयार न समझे, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन ने उनकी प्रभावी बल्लेबाजी की क्षमता को साबित कर दिया है। शनिवार को बड़ौदा के लिए खेलते हुए पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा। इस मैच में पांड्या ने शानदार शतक बनाया।
हार्दिक पांड्या ने एक ओवर में 5 छक्के लगाए।
पांड्या के शतक की बदौलत बड़ौदा ने 50 ओवर में 293 रन बनाकर नौ विकेट खोए। बड़ौदा का कोई भी अन्य खिलाड़ी अर्धशतक नहीं बना सका। उन्होंने एक छोर पर डटकर विदर्भ के गेंदबाजों को खूब परेशान किया।
इस मैच में पांड्या ने 68 गेंदों में शतक बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्कोर दिया। उन्होंने 92 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौकों और 11 छक्कों की मदद से 133 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 144.57 रहा। उनके बाद विष्णु सोलंकी 26 रनों के साथ टीम के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। विदर्भ की ओर से यश ठाकुर ने चार विकेट लिए। यश ठाकुर ने पांड्या को आउट किया। नचिकेत भूटे और पार्थ रेखाडे ने दो-दो विकेट लिए।
पांड्या की पारी अनोखी थी। उन्होंने 62 गेंदों में 66 रन बनाए, लेकिन फिर 39वें ओवर में पांच छक्के और एक चौके की मदद से अपना शतक पूरा किया। एक ही ओवर में पांड्या ने पूरा मैच पलट दिया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से पांड्या को आराम दिया जा सकता है। बीसीसीआई टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें आराम दे सकता है। पांड्या ने ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं और विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्हें पर्याप्त गेंदबाजी का मौका नहीं मिला है। इसलिए चयनकर्ता उन्हें वनडे सीरीज से आराम दे सकते हैं।