दीपेश देवेंद्रन — जानिए इस भारतीय तेज गेंदबाज के बारे में, जो आगे चलकर एक बड़ा सितारा बनने जा रहा है।

Saroj kanwar
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आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2026 आज (15 जनवरी) से शुरू हो रहा है। उद्घाटन मैच अमेरिका अंडर-19 और भारत अंडर-19 टीमों के बीच है। यह ग्रुप बी का मैच बुलावायो में खेला जा रहा है।

इस मैच में भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उम्मीद थी कि भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करेगी ताकि दर्शक वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देख सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस मैच में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन देखकर कोई हैरानी नहीं हुई, लेकिन इस मैच में खेल रही अमेरिकी टीम ने सबको चौंका दिया। क्योंकि उनकी प्लेइंग इलेवन में कोई भी अमेरिकी मूल का खिलाड़ी नहीं है। टीम की कप्तानी 18 वर्षीय उत्कर्ष श्रीवास्तव कर रहे हैं, जिनका जन्म 18 फरवरी, 2007 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था।

भारत बनाम अमेरिका अंडर-19 विश्व कप मैच का सारांश
पहले बल्लेबाजी करते हुए, अमेरिका ने मात्र 39 रनों पर 5 विकेट गंवा दिए। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की और पहले 10 ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों को ज्यादा रन बनाने के ज्यादा मौके नहीं दिए। गुजरात के रहने वाले 18 वर्षीय हेनिल पटेल भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के अहम तेज गेंदबाज हैं। वे अपनी सटीक लाइन और लेंथ के साथ-साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

हेनिल ने घरेलू स्तर पर गुजरात के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उनकी मुख्य ताकत नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता है, जिसे उन्होंने आज के मैच में प्रदर्शित किया। वे अक्सर अपनी आउटस्विंग गेंदों से बल्लेबाजों को फंसा लेते हैं। छह ओवरों में उन्होंने 14 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें उनकी इकॉनमी रेट 2.30 रही। उन्होंने अपनी स्विंग और गति से अमेरिकी बल्लेबाजों को परेशान किया, जिससे टीम इंडिया को नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मैच पर दबदबा बनाने का मौका मिला।

अमेरिकी टीम को पहला झटका दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर लगा जब अमरिंदर गिल 7 गेंदों में सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। सलामी बल्लेबाज साहिल गर्ग ने कुछ देर संघर्ष किया लेकिन 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर 16 रन बनाकर आउट हो गए। टीम का स्कोर तब 29 रन था। अमेरिकी टीम को कप्तान उत्कर्ष श्रीवास्तव से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे बिना रन बनाए आउट हो गए, जिससे टीम का स्कोर मात्र 34 रन रह गया।

दीपेश देवेंद्रन कौन हैं?

देवेंद्रन एक क्रिकेट परिवार से आते हैं। उनके पिता, वासुदेवन देवेंद्रन, पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल चुके हैं। वासुदेवन ने दीपेश को उनके करियर के शुरुआती दौर में कोचिंग दी थी। तमिलनाडु के इस तेज गेंदबाज को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम में जगह मिली।

सितंबर और अक्टूबर में भारत की अंडर-19 टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे ने दीपेश को सुर्खियों में ला दिया। टेस्ट सीरीज में उन्होंने चार पारियों में 9.80 के प्रभावशाली औसत से 10 विकेट लिए। ब्रिस्बेन के इयान हीली ओवल में खेले गए पहले टेस्ट में देवेंद्रन ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर कुल विकेटों की संख्या आठ कर ली। इसके बाद, इंडिया ए अंडर-19, इंडिया बी अंडर-19 और अफगानिस्तान अंडर-19 के बीच हुई अंडर-19 ट्राई-सीरीज में दीपेश ने तीन मैचों में छह विकेट लिए। महज 17 साल की उम्र में दीपेश ने साबित कर दिया है कि भारतीय टीम को भविष्य का सितारा मिल सकता है।

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