नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और जन सुराज पार्टी जीत के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही हैं। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। इसी बीच, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बड़ा ऐलान कर सबको चौंका दिया है।
उन्होंने चुनाव से पहले बिहार की जनता से तीन बड़े वादे करके एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि वे जीविका दीदियों को 30,000 रुपये मासिक वेतन पर सरकारी कर्मचारी बनाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा। तेजस्वी यादव इससे पहले भी कई बड़े वादे कर चुके हैं।
तेजस्वी यादव इस वादे को पहले ही पूरा कर चुके हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हाल ही में अपनी सरकार बनने के 20 महीने के भीतर हर परिवार को एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। इस वादे पर एनडीए और जन सुराज ने भी निशाना साधा था। तेजस्वी यादव ने एनडीए पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं को रिश्वत के तौर पर ₹10,000 दिए थे।
सरकार यह पैसा वापस लेगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने हर घर में एक नौकरी देने की घोषणा की थी और आज वह इस बारे में एक ऐतिहासिक घोषणा करने जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता मौजूदा सरकार से नाराज़ है।
डबल इंजन वाली सरकार भ्रष्टाचार और अपराध में भी डूबी हुई है। इस सरकार ने हमारी योजनाओं की नकल की है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है और चुनाव का समय आ गया है।
महिलाओं को हर महीने ₹30,000 मिलेंगे।
तेजस्वी यादव ने बताया कि अपने दौरे के दौरान उन्होंने जीविका दीदियों से मुलाकात की थी। उनकी राय जानने के बाद यह फैसला लिया गया। अगर उनकी सरकार बनी, तो जीविका दीदियों में से सीएम दीदी को स्थायी रोज़गार दिया जाएगा। उन्हें हर महीने ₹30,000 मिलेंगे। उन्हें ब्याज मुक्त ऋण भी दिया जाएगा। यानी 2 साल तक के ऋण पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।