तत्काल टिकट से लेकर आरक्षण चार्ट तक – रेलवे ने कई बड़े बदलाव किए हैं।

Saroj kanwar
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भारतीय रेलवे के नियम: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर। इस साल रेल यात्रियों के लिए कई बदलाव आए हैं। रेलवे ने टिकट बुकिंग, प्रतीक्षा सीमा, तत्काल बुकिंग, आरक्षण चार्ट, आपातकालीन कोटा और पुष्ट टिकट की तारीख बदलने की सुविधा सहित कई महत्वपूर्ण नियमों को अपडेट किया है। इन अपडेट का असर रोजाना लाखों यात्रियों पर पड़ा है।

टिकट बुकिंग अब पहले जैसी नहीं रही। नई प्रणाली में आधार-आधारित सत्यापन, ओटीपी, एजेंटों पर प्रतिबंध और चार्ट के समय जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यदि आप इन बदलावों से अवगत नहीं हैं, तो पुष्ट टिकट प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, साल के अंत तक इन नियमों से परिचित हो जाना निश्चित रूप से आपकी यात्रा को सुगम बनाएगा।

ऑनलाइन तत्काल टिकट प्रणाली पर स्विच करें

इस वर्ष से IRCTC पर तत्काल टिकट बुकिंग पूरी तरह से आधार आधारित हो गई है। 1 जुलाई, 2025 से, आप आधार सत्यापन पूरा करने के बाद ही ऑनलाइन तत्काल टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक यात्रियों को ही उनके टिकट मिलें। इसके अतिरिक्त, रेलवे अब काउंटर पर खरीदे गए तत्काल टिकटों के लिए ओटीपी प्रणाली शुरू कर रहा है। इसका मतलब है कि जब आप काउंटर पर टिकट खरीदते हैं, तो आपके फोन पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, और आपके सत्यापन के बाद ही टिकट की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे फर्जी बुकिंग रोकने में मदद मिलेगी।

सामान्य टिकट और तिथि परिवर्तन संबंधी नए नियम
1 अक्टूबर, 2025 से, IRCTC पर पहले 15 मिनट के दौरान केवल आधार द्वारा सत्यापित उपयोगकर्ता ही सामान्य टिकट बुक कर सकेंगे। इसका उद्देश्य फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। इसके अतिरिक्त, 1 जनवरी, 2025 से, पुष्ट टिकट की तिथि बदलना बहुत आसान हो जाएगा। तिथि परिवर्तन के लिए कोई रद्दीकरण शुल्क नहीं होगा। यदि सीट उपलब्ध है, तो आप नई तिथि के लिए सीधे टिकट बुक कर सकते हैं। पहले, आपको बुकिंग रद्द करनी पड़ती थी और 25% तक का शुल्क देना पड़ता था। यदि टिकट की कीमतों में वृद्धि हुई है, तो आपको केवल पुराने किराए और अब के किराए के बीच का अंतर ही देना होगा।

एजेंटों पर सख्ती और प्रतीक्षा सूची पर नई सीमा लागू।

रेलवे ने अनाधिकृत एजेंटों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अब तत्काल टिकट काउंटर खुलने के पहले 30 मिनट के दौरान कोई भी एजेंट टिकट बुक नहीं कर सकता। एसी क्लास के लिए यह प्रतिबंध सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक और नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक लागू रहेगा। इससे नियमित यात्रियों को शुरुआत में ही टिकट मिलने की बेहतर संभावना होगी। इस वर्ष प्रतीक्षा सूची की सीमा में भी संशोधन किया गया है। अब एसी क्लास में केवल 60 प्रतिशत सीटों और नॉन-एसी क्लास में 30 प्रतिशत सीटों के लिए ही प्रतीक्षा की अनुमति है। महिला और दिव्यांग यात्री इस नियम से मुक्त हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए यह बदलाव किया गया है।

आरक्षण चार्ट और आपातकालीन कोटा नियम
अब आरक्षण चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे पहले तैयार हो जाएगा। पहले यह 4 घंटे पहले तैयार होता था। दोपहर 2 बजे से पहले चलने वाली ट्रेनों का चार्ट पिछली रात 9 बजे तक तैयार हो जाएगा। इससे यात्रियों को पहले से पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इसके साथ ही, आपातकालीन आरक्षण (इक्विटी) के नियम और भी सख्त हो गए हैं। यदि ट्रेन रात 12 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच चलती है, तो आपातकालीन आरक्षण के लिए आवेदन एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक भेजना होगा। दोपहर 2 बजे के बाद चलने वाली ट्रेनों के लिए आवेदन एक दिन पहले शाम 4 बजे तक देना होगा। यदि ट्रेन किसी अवकाश के दिन चलती है, तो आपातकालीन आरक्षण के लिए आवेदन पिछले कार्यदिवस पर जमा करना होगा।

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