दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है और प्रदूषण स्तर (AQI) खतरनाक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए राजधानी में GRAP-4 (श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना) लागू की है। इसके तहत दिल्ली में सभी निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। निर्माण कार्य ठप होने से हजारों दिहाड़ी मजदूर प्रभावित हुए हैं, जिनकी आजीविका दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर है।
इन मजदूरों की परेशानी को समझते हुए सरकार ने ₹10,000 की महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यदि आप या आपका कोई परिचित दिल्ली में निर्माण कार्य से जुड़ा है, तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम विस्तार से बताएंगे कि किन मजदूरों को यह राशि मिलेगी और ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया क्या है।
GRAP-4 प्रतिबंध
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वित्तीय सहायता सभी को नहीं, बल्कि केवल सत्यापित निर्माण श्रमिकों को ही दी जाएगी। इसका अर्थ यह है कि केवल वे श्रमिक ही इस योजना के पात्र होंगे जिनका रिकॉर्ड दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (DBOCWWB) के पास पहले से मौजूद है और जिनकी पहचान सत्यापित हो चुकी है।
₹10,000 का मुआवजा
सरकार के अनुसार, यह राशि निर्माण कार्य बंद होने के कारण श्रमिकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए निर्धारित की गई है। वर्तमान में, दिल्ली में लगभग 10,000 श्रमिक ‘सत्यापित’ श्रेणी में आते हैं। इन श्रमिकों के बैंक खातों में ₹10,000 की राशि सीधे (DBT) हस्तांतरित की जाएगी। यह राशि विशेष रूप से उन 16 दिनों के मुआवजे के रूप में दी जा रही है, जिनके दौरान GRAP के तहत काम पूरी तरह से बंद रहेगा। जो श्रमिक अभी तक पंजीकृत या सत्यापित नहीं हैं, वे वर्तमान में इस सहायता से वंचित हैं।
मुख्य पात्रता शर्तें और नियम
इस सहायता के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पैसा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। पहला, केवल निर्माण कार्य में सीधे तौर पर शामिल श्रमिक, जैसे कि भवन निर्माण ठेकेदार, राजमिस्त्री, पेंटर, प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन, ही इसके पात्र होंगे। दूसरा, उनका DBOCWWB पोर्टल पर सक्रिय पंजीकरण होना अनिवार्य है। श्रमिकों के पास वैध दिल्ली पहचान पत्र होना चाहिए और उनका बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए ताकि सरकार बिना किसी परेशानी के सीधे पैसा हस्तांतरित कर सके। 16 दिनों के काम बंद रहने के मुआवजे के तौर पर कुल ₹10,000 की राशि निर्धारित की गई है।
ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें
यदि आप निर्माण श्रमिक हैं और आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो आप दिल्ली सरकार के डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए इसे ऑनलाइन कर दिया है।
सबसे पहले, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग की वेबसाइट https://dbocwwb.delhi.gov.in/ पर लॉग इन करें।
होमपेज पर ‘श्रमिक पंजीकरण’ या ‘वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करें’ विकल्प पर क्लिक करें।
अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पिछले 90 दिनों के कार्य अनुभव का प्रमाण पत्र तैयार रखें।
अपने बैंक विवरण, जैसे खाता संख्या और IFSC कोड, सावधानीपूर्वक भरें, क्योंकि धनराशि इसी खाते में जमा की जाएगी।
फॉर्म जमा करने के बाद, सरकारी अधिकारी आपके दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। यदि सब कुछ सही पाया जाता है, तो आपका नाम सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
प्रदूषण का प्रभाव और श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा
दिल्ली में निर्माण पर प्रतिबंध से न केवल बड़ी परियोजनाएं बल्कि छोटे पैमाने के काम भी ठप हो गए हैं। ऐसे में सरकार द्वारा दी जा रही यह ₹10,000 की राशि श्रमिकों के लिए जीवन रेखा के समान है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह धनराशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे डिजिटल माध्यमों से जरूरतमंदों तक पहुंचे। श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी स्थिति की जांच करें और सहायता प्राप्त करने में देरी से बचने के लिए पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करें।