जिले के 80-90% किसानों ने 40% तक घटाई खेती की लागत, उत्पादन में भी बढ़ोतरी

Saroj kanwar
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Burhanpur News: खंडवा जिले में किसानों को मौसम पूर्वानुमान और कृषि संबंधी सटीक जानकारी जिला कृषि मौसम इकाई द्वारा दी जा रही है। इस जानकारी के सहारे किसान खेत की तैयारी से लेकर फसल कटाई तक बेहतर निर्णय ले रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 80-90% किसानों ने 40% तक खेती की लागत कम की है, जबकि उत्पादन में 25-30% की वृद्धि हुई है। प्रति एकड़ औसतन किसान एक सीजन में 10 हजार रुपये तक बचत कर रहे हैं।

यह मौसम इकाई नवंबर 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन फरवरी 2024 में वित्तीय समस्या के कारण इसे बंद कर दिया गया था। फिलहाल हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद इसका संचालन जारी है, हालांकि इसे स्थायी रूप से चालू रखने के आदेश अभी नहीं आए हैं, जिससे किसान चिंतित हैं।

जसवाड़ी के किसान चुत्रीलाल प्रजापति, जो 6 एकड़ में खेती करते हैं, ने बताया कि मौसम इकाई से जुड़ने के बाद उनकी लागत में 30% की कमी आई है। वे मौसम की सही जानकारी के आधार पर खेती करते हैं, जिससे नुकसान से बचते हैं। पुनासा तहसील के अशोक मंडलोई, जिनके पास 5 एकड़ खेती है, ने भी लागत में 25-30% की कमी और उत्पादन में वृद्धि का अनुभव साझा किया। उन्होंने सरकार से इकाई को बंद न करने की अपील की और प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की योजना बताई।

जावर के किसान रविंद्र लाड़ ने बताया कि 10 एकड़ में खेती करते हुए मौसम इकाई की सलाह से उन्होंने कम से कम 25% लागत घटाई है। इकाई के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता पिछले 6 साल से किसानों को जानकारी दे रहे हैं। उनका कहना है कि इकाई बंद होने से किसान बदलते मौसम में अधिक जोखिम में पड़ जाएंगे। जानकारी इंटरनेट और 150 से अधिक ग्रुप्स के माध्यम से हर मंगलवार और शुक्रवार को दी जाती है।

इस बीच, राई खुटवाल क्षेत्र में बारिश की लंबी खेंच के कारण सोयाबीन सहित फसलें प्रभावित हो रही थीं। ग्रामीण इंद्र देवता को मनाने के लिए पूजा-पाठ कर रहे थे। वहीं, कोहदड़ में शनिवार दोपहर हुई 40 मिनट की तेज बारिश ने खरीफ फसलों को संजीवनी दी और सोयाबीन के फूल झड़ने से बच गए।

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