नया साल शुरू होने से पहले ही कई शेयरों (मल्टीबैगर स्टॉक्स) ने शेयर बाजार में तहलका मचा दिया है। पिछले साल दिसंबर से इस साल जनवरी के बीच निवेशकों को करोड़पति बनाने वाले शेयरों के नाम गिनाना मुश्किल है। ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के शेयर भी इस सूची में सबसे ऊपर हैं। इस विश्व प्रसिद्ध कंपनी ने पिछले कुछ दिनों में एल्युमीनियम, प्लास्टिक, सीसा और अन्य सामग्रियों के पुनर्चक्रण क्षेत्र में भारी मुनाफा कमाया है। इसी वजह से इस कंपनी के शेयरों की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है। इसने निवेशकों की जेबें भर दी हैं।
इस शेयर ने निवेशकों को 1 लाख से 20.36 लाख तक का मुनाफा दिलाया है।
शेयर बाजार में हालिया अनिश्चितता के बावजूद, ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के शेयरों में मजबूती बनी रही। हालांकि, कल यानी शुक्रवार को इस कंपनी के शेयर की कीमत में 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई। निवेशकों को भले ही नुकसान हुआ हो, लेकिन इस शेयर ने निवेशकों के चेहरों पर साल भर की खुशी ला दी है। गौरतलब है कि 5 साल पहले यानी 2021 की शुरुआत में इस कंपनी के एक शेयर की कीमत 82.85 रुपये थी, जबकि आज इस कंपनी के एक शेयर की कीमत 1680 रुपये है।
विस्तार से देखें तो, जनवरी 2021 से जनवरी 2026 तक, यानी 5 वर्षों में, इस कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 1938 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। अगर हम गणना करें, तो अगर किसी ने 5 साल पहले इस शेयर में सिर्फ 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज उसकी जमा राशि 20 लाख 36 हजार रुपये होती। सोचिए! वहीं, जिन्होंने इस शेयर में 10 लाख रुपये या उससे अधिक का निवेश किया था, वे आज करोड़ों रुपये के मालिक हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026 में ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड की आय 11.75 प्रतिशत बढ़कर 1,036 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी का शुद्ध लाभ इस वित्तीय वर्ष में 33 प्रतिशत बढ़कर 96 करोड़ रुपये हो गया।
इतना ही नहीं, कंपनी के प्रति शेयर ईपीएस में 13 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई। कुल मिलाकर, वैश्विक कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने लाभ खाते में लगातार वृद्धि की है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी भविष्य में अपने कारोबार का और विस्तार करने की योजना बना रही है।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश करना जोखिम भरा है। इस रिपोर्ट को पढ़कर किसी भी शेयर में निवेश न करें। यह समाचार मुख्य रूप से पाठकों को शेयर बाजार से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। भर्ती संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)