गेहूं में त्योहारी खरीदी से 25 रुपए का सुधार, समर्थन दाम 2585 होने से अब किसान एकतरफा गेहूं अपनाकर बोवनी करेंगे

Saroj kanwar
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गेहूं व्यापार में इन दिनों तेजी आ गई। सरकार ने इस साल से नए गेहूं खरीदी का समर्थन दाम 2585 रुपए कर दिया। देखा जाए तो प्रति क्विंटल 160 रुपए की वृद्धि कर दी गई है। गत वर्ष 2425 रुपए के साथ मध्यप्रदेश सरकार का 175 रुपए क्विंटल का बोनस भाव होने से किसानों को 2600 रुपए भाव मिले थे।

उज्जैन का मालवा बेल्ट गेहूं पैदावार में देश का बड़ा केंद्र माना जाता है। इस वर्ष किसानों को मध्यप्रदेश सरकार से बोनस भाव मिलने की भी उम्मीद है। गेहूं के भाव में 25 रुपए की तेजी आ गई लेकिन कारोबारी इसे भाव का करेक्शन बता रहे हैं। बारिश खुली, दीपावली आई, खरीदी जोन ओपन होने से गेहूं का व्यापार भी बढ़ गया।

लंबे समय से गेहूं बिक्री सामान्य ही बनी हुई थी लेकिन आगे अब गेहूं में तेजी नहीं मानी जा रही है। उज्जैन मंडी के गेहूं ब्रोकरेज संजय खंडेलवाल के अनुसार त्योहारी खरीदी का दबाव गेहूं पर आ चुका है। ऐसे में 25 रुपए की भाव सुर्खी वाले होने से हलचल बढ़ गई है। अभी सरकार खुली बिक्री का गेहूं भी बेचेगी।

अगर सरकार गेहूं बेचती और खरीदी केंद्र देशी गेहूं के आए तो भाव में 50 रुपए तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि यह गेहूं आटा मिल वालों को ही मिलेगा। सरकार के स्टैंडर्ड रेट 2550 रुपए के रखे गए हैं। ई-ऑक्शन से बिकने वाले गेहूं के भाव सेंटर के हिसाब से बढ़ भी सकते हैं।

आटा मिल वालों के लिए मालवराज तेजस गेहूं काम का नहीं बताया जाता है, क्योंकि इसकी रोटी फट जाती है। ऐसे में आगामी तेजी केंद्र मिलने पर ही निर्भर करेगी। इन दिनों देशी किस्म का गेहूं मंडी में 2600 रुपए तक आसानी से मिल रहा है। इधर मंडी के 1 से 2 बड़े कारोबारी बीजवाला गेहूं ऊंचे से ऊंचे भाव पर खरीद रहे हैं। मंडी नीलाम में लोकवन गेहूं बीज वाला 3211 रुपए बिका। मालवराज, पोषक बीज वाला 2718 रुपए, पूर्णा बीजवाला 2944 रुपए तक बिका।

किसान सोयाबीन कटाई में, 10 दिन बाद बढ़ेगी गेहूं की आवक

किसान इस समय सोयाबीन कटाई में लगे हुए हैं। 8 से 10 दिन बाद मंडी में गेहूं बीज वाले की आवक भी बढ़ने लगेगी। इधर, किसान वर्ग सरकार के समर्थन दाम 2585 से खुश हैं। अब मालवराज तेजस की बुवाई अधिक होगी, जबकि लोकवन सेकंड और पूर्णा तीसरे नंबर पर रहने वाला है। मालवराज की पैदावार अच्छी मिलने से किसान इसे ही अपनाएंगे और सरकार को बेचकर लाभ कमाएंगे। गत वर्ष भी किसानों को गेहूं में भाव अच्छे मिले। ऐसे में उज्जैन क्षेत्र से सरकार को गेहूं भारी मात्रा में रिकॉर्ड तोड़ मिला। किसानों के अनुसार सभी उपज में गेहूं उपज 2 साल से लाभ वाली मिल रही है, जबकि अन्य फसल में नुकसान मिल रहा है। देखा जाए तो इस वर्ष सरकार ने सोयाबीन में भावांतर लागू कर किसानों का हाथ थामा है। 24 तारीख से भावांतर लागू होगा। इस दौरान मंडियों में बंपर आवक होगी।

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