Tikamgarh News: टीकमगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट अभिलेखागार में खसरा रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता हरेंद्र यादव का आरोप है कि अभिलेखागार के कर्मचारी रिकॉर्ड में अनधिकृत प्रवेश और दस्तावेजों की फर्जी प्रविष्टि कर रहे हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि भू-माफिया को अनुचित आर्थिक लाभ मिला।
हरेंद्र ने बताया कि तखा गांव के खसरा नंबर 167 की दो अलग-अलग प्रतिलिपियों की तुलना में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। 8 फरवरी 2021 और 30 जनवरी 2025 की प्रतिलिपियों के अनुसार, जमीन का क्षेत्रफल पहले 2.70 एकड़ (1.092 हेक्टेयर) था, जबकि 4 जुलाई 2025 की प्रतिलिपि में यह बढ़कर 3.70 एकड़ (1.462 हेक्टेयर) दिखाया गया। इसमें 0.400 हेक्टेयर जमीन अवैध तरीके से जोड़ी गई, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई जा रही है।
हरेंद्र ने कहा कि यह बदलाव अनंत्पुरा निवासी अमृतलाल यादव को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। साथ ही भविष्य में आम जनता को रिकॉर्ड रूम में प्रवेश देने पर रोक लगाने की भी सिफारिश की।
जानकारी के अनुसार, 1982-83 में दर्ज खसरा रिकॉर्ड में भी बदलाव किया गया। 19 अगस्त 2021 को एसडीएम टीकमगढ़ द्वारा रिकॉर्ड सुधार की कार्रवाई हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 1982-83 से 1997 तक के खसरा पंचशाला में ओवरराइटिंग कर अमृतलाल यादव को 1/4 हिस्सेदारी दी गई। हाल ही में 1969 से 1982 तक की खसरा पंचशाला में भी ओवरराइटिंग की गई।
हरेंद्र का मानना है कि अभिलेखागार में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उनका कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, और इस तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।