क्या CIBIL स्कोर ज़्यादा होने के बावजूद लोन रिजेक्ट हो जाता है? बैंकों के मना करने की असली वजह ये है

Saroj kanwar
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क्या आपका CIBIL स्कोर 750 से ज़्यादा है, आपने समय पर EMI चुकाई है, फिर भी बैंक ने आपको लोन देने से मना कर दिया? यह सवाल लाखों लोगों को परेशान करता है। दरअसल, बैंक सिर्फ़ आपके स्कोर पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि आपकी समग्र वित्तीय स्थिति, नौकरी की स्थिरता और मौजूदा देनदारियों की भी गहराई से जाँच करते हैं।

अगर इन प्रमुख मापदंडों में कोई कमी पाई जाती है, तो एक बेहतरीन CIBIL स्कोर भी लोन अस्वीकृत होने का कारण बन सकता है। यह Google सर्च-फ्रेंडली सामग्री RBI के नवीनतम नियमों और बैंकों के आंतरिक ऑडिट के अनपेक्षित पहलुओं को विस्तार से समझाएगी।

बैंक सिर्फ़ स्कोर पर ध्यान नहीं देते
ऋण देने से पहले, बैंक या वित्तीय संस्थान यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप बिना किसी रुकावट के समय पर ऋण चुका पाएँगे। इसके लिए, वे आपके CIBIL स्कोर के अलावा आपकी आय और देनदारियों का विस्तृत विश्लेषण करते हैं। आपकी आय और नौकरी की स्थिरता ऋण स्वीकृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप बार-बार नौकरी बदलते हैं या लंबे समय से बेरोजगार हैं, तो बैंक आपको एक जोखिम भरा ग्राहक मान सकते हैं।

इसके विपरीत, यदि आप लगातार एक ही क्षेत्र में काम करते हैं और किसी प्रतिष्ठित कंपनी से जुड़े हैं, तो बैंक का विश्वास बढ़ता है। आपके मौजूदा ऋण भी मायने रखते हैं। यदि आपकी मासिक आय का 40% से 50% पहले से ही EMI में जा रहा है, तो बैंक आपको नया ऋण देने में हिचकिचा सकते हैं। वे आपकी पुनर्भुगतान क्षमता को कमज़ोर मान सकते हैं।

एक साथ कई ऋण/कार्ड के लिए आवेदन करना
उच्च CIBIL स्कोर होने के बावजूद लोन अस्वीकृत होने का एक प्रमुख कारण यह है कि लोग एक ही समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। जब आप लोन या कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर एक ‘हार्ड इन्क्वायरी’ करता है। जब आपकी रिपोर्ट पर एक साथ कई हार्ड इन्क्वायरी दिखाई देती हैं, तो बैंक इसे वित्तीय तनाव या पैसे की तत्काल आवश्यकता का संकेत मानते हैं।

ऐसी स्थिति में, बैंक को आप पर कर्ज के जाल में फंसने का संदेह हो सकता है, जिससे लोन अस्वीकृत होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, यदि आप जिस बैंक में आवेदन कर रहे हैं, उसके साथ आपका ट्रैक रिकॉर्ड खराब है—जैसे कि पिछले लोन का भुगतान न करना या EMI भुगतान में देरी करना—तो यह भी आपके खिलाफ जा सकता है, भले ही आपका वर्तमान CIBIL स्कोर बहुत अच्छा हो।
नए नियमों में राहत
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नवीनतम दिशानिर्देशों ने पहली बार ऋण लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों ने पहली बार ऋण लेने वालों के लिए न्यूनतम क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता को पूरी तरह से हटा दिया है। इसका मतलब है कि बैंक अब केवल कम CIBIL स्कोर के आधार पर किसी आवेदन को अस्वीकार नहीं कर सकते।

उन्हें अपना निर्णय केवल ग्राहक की समग्र वित्तीय स्थिति, पुनर्भुगतान क्षमता और नौकरी की स्थिरता के आधार पर लेना होगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो अच्छी या स्थिर आय होने के बावजूद, क्रेडिट इतिहास की कमी के कारण ऋण प्राप्त करने में असमर्थ थे।

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