सर्दी के मौसम में गर्म पानी और गर्म कमरों की ज़रूरत बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि गीज़र और रूम हीटर ज़्यादा देर तक चलते हैं। अक्सर लोग इन्हें बेवजह चालू छोड़ देते हैं, जिससे बिजली की खपत काफ़ी बढ़ जाती है। पुराने या कम कुशल उपकरण भी ज़्यादा बिजली की खपत करते हैं, जिसका सीधा असर महीने के अंत में आपके बिजली के बिल पर पड़ता है।
स्मार्ट गीज़र और रूम हीटर से बिजली की बचत कैसे करें
स्मार्ट गीज़र और स्मार्ट रूम हीटर तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें वाई-फाई कनेक्टिविटी होती है, जिससे आप इन्हें मोबाइल ऐप के ज़रिए नियंत्रित कर सकते हैं। इन उपकरणों में शेड्यूलिंग फ़ंक्शन होता है, जिससे आप गीज़र या हीटर के चालू और बंद होने का समय पहले से सेट कर सकते हैं। ऑटो कट-ऑफ जैसी तकनीकें ज़रूरत पूरी होते ही उपकरण को बंद कर देती हैं, जिससे अनावश्यक बिजली की खपत रुकती है।
थर्मोस्टेट तकनीक का अधिकतम लाभ उठाना
आधुनिक गीज़र और हीटर में बिल्ट-इन थर्मोस्टेट होता है, लेकिन ज़्यादातर लोग इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गीज़र का तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना आदर्श माना जाता है। इससे ज़्यादा तापमान रखने पर उपकरण को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। स्मार्ट थर्मोस्टेट तापमान को स्वचालित रूप से संतुलित करते हैं, जिससे बिजली की बचत होती है।
बीईई स्टार रेटिंग क्यों महत्वपूर्ण है
यदि आप नया गीज़र या रूम हीटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बीईई स्टार रेटिंग अवश्य देखें। 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरण कम बिजली खपत के साथ बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इनमें उन्नत हीटिंग एलिमेंट और बेहतर इंसुलेशन का उपयोग किया जाता है, जिससे बिजली की खपत स्वतः कम हो जाती है और लंबे समय में काफी पैसे की बचत होती है।
स्मार्ट प्लग और टाइमर किफायती विकल्प प्रदान करते हैं।
यदि आपके पास स्मार्ट गीज़र या स्मार्ट हीटर नहीं है, तो स्मार्ट प्लग एक किफायती विकल्प हो सकता है। स्मार्ट प्लग की मदद से आप मोबाइल ऐप या वॉइस कमांड के ज़रिए किसी भी सामान्य गीज़र या हीटर को नियंत्रित कर सकते हैं। टाइमर सेट करके, डिवाइस को निर्धारित समय पर स्वचालित रूप से चालू और बंद किया जा सकता है, जिससे बिजली की बर्बादी कम होती है और बिल नियंत्रण में रहता है।