भारतीय रेलवे के नियम: भारतीय रेलवे से हर दिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं। ट्रेन यात्रा को बस या हवाई यात्रा की तुलना में न केवल सस्ता, बल्कि सुविधाजनक भी माना जाता है। भारतीय रेलवे अपने यात्री अनुभव को बेहतर बनाने और देश के हर कोने को अपने रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हालाँकि, त्योहारों और छुट्टियों का मौसम आते ही एक सवाल बार-बार उठता है, क्या ट्रेनों में शराब ले जाई जा सकती है?
भारतीय रेलवे की शराब नीति क्या कहती है?
रेलवे की शराब नीति के अनुसार, ट्रेनों में शराब ले जाना या उसका सेवन करना सख्त मना है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी यात्री को शराब की बोतलें लेकर ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं है। इस नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हो सकती है।
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों में शराब या उसका सेवन वर्जित है, क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा को खतरा है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी असुविधा और परेशानी हो सकती है।
सुरक्षा कारणों से ये नियम सख्त हैं।
भारतीय रेलवे अपने रनिंग स्टाफ, जिनमें लोको पायलट, गार्ड और अन्य कर्मचारी शामिल हैं, को भी स्पष्ट निर्देश जारी करता है कि ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में रहना सख्त मना है। यह नियम सुरक्षा कारणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी भी लापरवाही से बड़ी रेल दुर्घटना हो सकती है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ट्रेनों में शराब का सेवन या परिवहन यात्रियों की सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। शराब पीने के बाद यात्री अक्सर झगड़ा या दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे दूसरों को असुविधा होती है।
त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में, जब बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार से मिलने या दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ट्रेन से यात्रा करते हैं, रेलवे यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में शराब की बोतलें न लाने की सलाह देता है। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यदि रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान किसी यात्री के पास शराब पाई जाती है, तो उसे जब्त किया जा सकता है और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, यात्रा से पहले रेलवे के नियमों को जानना बेहद ज़रूरी है।