केंद्रीय बजट 2026: घरेलू उपकरणों से लेकर बैटरी और सौर पैनलों तक—क्या सस्ता हुआ या क्या महंगा हुआ?

Saroj kanwar
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केंद्रीय बजट 2026-27: 1 फरवरी, 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत को और मजबूत बनाना था।

इस बजट का मुख्य लक्ष्य घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को बढ़ावा देना और महंगे आयातित उत्पादों पर निर्भरता कम करना है। इसी उद्देश्य से सरकार ने घरेलू उपकरणों के कुछ हिस्सों पर सीमा शुल्क कम किया है, जिससे देश में इनका निर्माण सस्ता हो गया है।

इसी बीच, ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करने के लिए कुछ आयातित और व्यावसायिक मशीनों पर कर बढ़ा दिए गए हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं…

2026 के बजट में माइक्रोवेव ओवन के मामले में राहत दी गई है। सरकार ने इन माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में उपयोग होने वाले कुछ विशिष्ट पुर्जों और घटकों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

इससे कंपनियों के लिए माइक्रोवेव ओवन का निर्माण और भी सस्ता हो जाएगा। इस बदलाव से उत्पादन लागत कम होगी, जिससे भविष्य में माइक्रोवेव ओवन की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को लाभ होगा और रसोई के उपकरण अधिक किफायती हो जाएंगे।
कॉफी मशीनें

यदि आप कॉफी के शौकीन हैं, तो इस केंद्रीय बजट 2026 में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सरकार ने कॉफी भूनने और बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनों पर लगने वाली मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) छूट को हटा दिया है।
इसका सीधा मतलब यह है कि भारत में आयातित पेशेवर कॉफी मशीनों पर अब अधिक कर लगेगा। इस बदलाव का सीधा असर कैफे, होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाली आयातित कॉफी मशीनों पर पड़ेगा, जिससे वे महंगी हो जाएंगी और संभावित रूप से व्यावसायिक लागत में वृद्धि होगी।

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी और सौर पैनल

केंद्रीय बजट 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों को बढ़ावा देने के प्रावधान भी शामिल हैं। लिथियम-आयन बैटरी के सेल और सौर पैनलों के लिए सौर ग्लास के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल (सोडियम एंटीमोनेट) पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इससे विदेशों से इन आवश्यक घटकों का आयात सस्ता हो जाएगा।

इससे इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा प्रणालियों के निर्माताओं को लागत में कमी के रूप में सीधा लाभ होगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम होंगी। इसके अलावा, कई घरों और व्यवसायों के लिए सौर ऊर्जा प्रणालियों को स्थापित करना और भी किफायती और आसान हो जाएगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि भारत में आयातित पेशेवर कॉफी मशीनों पर अब अधिक कर लगेगा। इस बदलाव का सीधा असर कैफे, होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाली आयातित कॉफी मशीनों पर पड़ेगा, जिससे वे महंगी हो जाएंगी और संभावित रूप से व्यावसायिक लागत में वृद्धि होगी।

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी और सौर पैनल

केंद्रीय बजट 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों को बढ़ावा देने के प्रावधान भी शामिल हैं। लिथियम-आयन बैटरी के सेल और सौर पैनलों के लिए सौर ग्लास के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल (सोडियम एंटीमोनेट) पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इससे विदेशों से इन आवश्यक घटकों का आयात सस्ता हो जाएगा।

इससे इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा प्रणालियों के निर्माताओं को लागत में कमी के रूप में सीधा लाभ होगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम होंगी। इसके अलावा, कई घरों और व्यवसायों के लिए सौर ऊर्जा प्रणालियों को स्थापित करना और भी किफायती और आसान हो जाएगा।

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