प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत किसानों के लिए सौर पंप बुक करने की प्रक्रिया जिले में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। किसानों को पारंपरिक बिजली की समस्याओं से राहत दिलाने और कृषि में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना 15 दिसंबर तक खुली रहेगी। इस अवधि के दौरान, पात्र किसान विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर 60% तक की सब्सिडी पर सौर पंप प्राप्त कर सकेंगे।
सोलर पंप बुकिंग के लिए आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दर्शन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान ₹5,000 की सांकेतिक राशि जमा करना अनिवार्य है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि केवल वास्तविक रूप से इच्छुक किसानों को ही शामिल किया जाए। जिन किसानों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे अपने पंजीकरण नंबर या आधार कार्ड का उपयोग करके किसी भी नजदीकी सीएससी केंद्र पर अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।
सोलर पंप क्षमता के अनुसार बोरिंग के मानक
इस योजना में किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने से पहले आवश्यक बोरवेल क्षमता भी निर्धारित की गई है। दो एचपी पंपों के लिए चार इंच की बोरिंग, तीन और पांच एचपी पंपों के लिए छह इंच की और 7.5 और 10 एचपी पंपों के लिए आठ इंच की बोरिंग अनिवार्य है। जिले के लिए कुल 1,497 सोलर पंपों का लक्ष्य रखा गया है, और चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष सुनिश्चित करने के लिए ई-लॉटरी के माध्यम से की जाएगी।
इस योजना से किसानों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
पीएम-कुसुम योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना है। कृषि कार्यों के दौरान बिजली कटौती लंबे समय से एक चिंता का विषय रही है, लेकिन सौर पंपों से किसानों को इस समस्या से राहत मिलेगी। इसके अलावा, सिंचाई की कुल लागत में भी काफी कमी आएगी, क्योंकि पंप पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को स्थिर आय प्राप्त होगी। सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को ऊर्जा-पर्याप्त बनाना है, जिससे किसानों के खर्च में कमी आए और दीर्घकालिक रूप से उत्पादन में वृद्धि हो।