करोड़पति बनने का सपना पूरा , दूध की बाहर, इस नस्ल की भैंस के कटड़ी भी बिक रही है लाखों में

Saroj kanwar
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buffelo Farming tips : अब हर किसान भाई खेती बाड़ी के साथ-साथ भैस पालन को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं। आपको बता दें कि बहुत सी एसी भैस की नस्ल हैं जो देसी भैस से कई गुना अधिक दूध देती है। आमतौर पर देसी  भैंसों के 10 से 12 लीटर दूध होता है । वहीं अगर हम उन्नत नस्ल कि  भैस की बात कर तो 20 से लेकर 30 लीटर तक दूध होता है।

अधिक दूध मिलने से पशुपालक महंगे दूध की बिक्री कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, जो नियमित आय का बेहतर स्रोत बनता है .
दूध की बिक्री से पशुपालक प्रति महीने अच्छी आय कमा सकते हैं यह व्यवसाय किसानों के लिए कृषि के साथ-साथ साइड बिजनेस का माध्यम बन रहा है.

ज्यादा दूध देने वाली भैंस की नस्ल पशु पलकों के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त कर रही है और इन्हें अपनाकर अधिक दूध उत्पादन हासिल किया जा सकता है। भैंस के साथ-साथ गाय कि भी उच्च दूध उत्पादन वाली नस्ल होती है।

पशु अधिकारियों ने बताया कि पशुपालक अधिकतर इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि कौन सी नस्ल की गाय या भैंस का पालन करें जिससे अधिक दूध का उत्पादन हो और उन्हें अच्छी कमाई मिल सके ऐसे में भैंस पालन के लिए पशुपालक अच्छे दूध उत्पादन वाली नस्ल का चयन  कर सकते हैं इन भैसो की दूध देने की क्षमता बहुत अधिक होती है। और उनके रेट भी अच्छे मिलते हैं, जिससे पशु पालक बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

अधिक दूध देने वाली भैंसो में मुर्रा नस्ल मानी जाती है, यह भैस औसतन 20 से 30 लीटर तक दूध देती है और अधिकतर उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर यह मिल जाती है। मुर्रा भैंस का दूध वसा और प्रोटीन में अच्छा होता है । जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम वसा मिलती है। इस दूध का विभिन्न डेयरी उत्पादों को तैयार करने में भी प्रयोग किया जाता है।

अगर मुर्रा भैंस की कट्टी भी किसान बेचता है तो 50 हजार से 1 लाख रुपए में बिक जाती है।

मुर्रा भैंस की कीमत डेढ़ लाख रुपए से शुरू होती है इसे पालना काफी फायदेमंद है। एक मुर्रा भैंस प्रतिदिन करीब 25 लीटर से 30 लीटर दूध देती है जिससे पशुपालक 1 दिन में 1500 से 2000 रुपए तक कमा सकता है।

जाफराबादी नस्ल : जाफराबादी भैंस हर रोज 20 से 25 लीटर तक दूध दे सकती है इस नस्ल की कीमत 1 लाख से शुरू होकर₹200000 तक होती है कीमत मुख्य रूप से दूध देने की क्षमता और भैस की आयु, कदकाठी, शरीर की बनावट पर निर्भर करती है।


मेहसाणा भैंस : यह भैस हर रोज 30 लीटर तक दूध देती है यह अधिकतर गुजरात महाराष्ट्र में पाली जाती है परंतु अब उत्तर प्रदेश में भी इसका पालन  बढ़ रहा है। इस भैस के पालन से किसान भाई कम समय में अच्छी इनकम कर सकते हैं।

सुरती‌ नस्ल : सुरती नस्ल भी दूध उत्पादन में अच्छी भैंसो में गिनी जाती है। इस नस्ल की भैंसों के 15 से 25 लीटर तक दूध हर रोज होता है। यह हर साल 1700 से 2000 लीटर दूध देती है। इस भैंस की छोटी कटड़ी 50 से 80 हजार रुपए में मिल जाती है।

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